केआईआईटी के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर
केआईआईटी के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर

भुवनेश्वर/दक्षिण भारत। कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर के 2019-20 स्नातक बैच के कुल 7,135 विद्यार्थियों ने शनिवार को वर्चुअल मोड में आयोजित 16वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त की।

विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि बांग्लादेश के ग्रामीण बैंक के संस्थापक और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता प्रो. मुहम्मद यूनुस से डिग्री प्राप्त की। इस अवसर पर आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर और अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित थे।

विश्वविद्यालय ने श्रीश्री रविशंकर और इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के अध्यक्ष और एमडी एसके चौधरी का मानद डीलिट डिग्री से अभिनंदन किया। वहीं, मौसम विज्ञान महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा को मानद डीएससी डिग्री से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रो. मुहम्मद यूनुस ने विद्यार्थियों से कहा, ‘आप जीवन के एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। शिक्षा एक लंबी और कठिन यात्रा है लेकिन यह आपको दुनिया बदलने में सक्षम बनाती है।’

प्रो. यूनुस, जिन्हें 2006 में माइक्रोक्रेडिट के अपने सामाजिक नवाचार के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, का परिचय देते हुए केआईआईटी और केआईएसएस के संस्थापक प्रो. अच्युत सामंत ने कहा कि उन्होंने कल्पना की है और लगातार ‘तीन शून्य वाली दुनिया’ के लिए काम कर रहे हैं – शून्य गरीबी, शून्य बेरोजगारी और शून्य शुद्ध कार्बन उत्सर्जन।

उन्होंने केआईआईटी डीम्ड विश्वविद्यालय से मानद उपाधि स्वीकार करने के लिए श्रीश्री रविशंकर, डॉ. मृत्युंजय महापात्र और एसके चौधरी का आभार व्यक्त किया।