capital punishment
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आरा/भाषा। बिहार के भोजपुर जिला मुख्यालय आरा की एक अदालत में वर्ष 2015 में हुए बम विस्फोट मामले में मंगलवार को एक दोषी को फांसी तथा सात अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस विस्फोट में एक पुलिस जवान सहित दो लोगों की मौत हो गई थी।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) त्रिभुवन यादव ने आरा सिविल अदालत बम धमाका मामले में कुख्यात अपराधी लंबू शर्मा को फांसी एवं 22 हजार जुर्माना तथा सात अन्य दोषियों अखिलेश उपाध्याय को आजीवन कारावास एवं 42 हजार रुपए अर्थदंड, चांद मियां, नईम मियां, प्रमोद सिंह, श्याम विनय शर्मा, रिंकू यादव एवं अंशु कुमार को उम्रकैद एवं 40-40 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

अदालत ने गत 17 अगस्त को इस मामले में आरोपी रहे जदयू के पूर्व विधायक सुनील पांडेय, संजय सोनार एवं विजय शर्मा को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। गौरतलब है कि 23 जनवरी, 2015 को लंबू शर्मा को पेशी के लिए स्थानीय कारा से आरा सिविल अदालत लाया गया था। लंबू शर्मा के अदालत परिसर से फरार होने की योजना के तहत उसके इशारे पर बम लेकर पहुंची नगीना देवी नामक महिला के कैदी वाहन रुकने पर धमाका कर देने पर शर्मा सहित दो कैदी फरार हो गए थे।

इस धमाके की चपेट में आ जाने से नगीना देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी जबकि कैदी सुरक्षा में तैनात भोजपुर पुलिस के जवान अमित कुमार घायल हो गए थे जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में जदयू के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ सुनील पांडेय सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ अदालत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किए गए थे।