टिकटॉक
टिकटॉक

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। गलवान घाटी में भारतीय सेना के 20 जांबाजों की शहादत और देशभर में चीनी माल एवं चीनी ऐप के खिलाफ जोर पकड़ती मुहिम के बीच भारत सरकार ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप पर पाबंदी लगाई गई है।

सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ये ऐप भारत की संप्रभुता और अखंडता, देश की रक्षा, राज्य की सुरक्षा एवं सार्वजनिक व्यवस्था के लिए पूर्वाग्रहपूर्ण थे। बता दें कि जिन ऐप पर पाबंदी लगाई गई है उनमें टिकटॉक के अलावा शेयरइट, हैलो, यूसी ब्राउजर, लाइकी और वीचैट भी शामिल हैं।

खासतौर से टिकटॉक के खिलाफ पहले भी आवाजें उठती रही हैं। युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रहे इस ऐप पर आरोप लगे थे कि यहां अश्लील सामग्री की भरमार है, जिससे युवा मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। पिछले साल अप्रैल में मद्रास उच्च न्यायालय ने इस ऐप के जरिए ‘अश्लील और अनुचित सामग्री’ परोसे जाने का हवाला देते हुए केंद्र को प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था।

इन ऐप पर चला मोदी सरकार का चाबुक
इन ऐप पर चला मोदी सरकार का चाबुक

इसके अलावा यूसी ब्राउजर और अन्य ऐप पर निजता उल्लंघन एवं डेटा चोरी जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हैं। चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के बीच देशभर में यह आवाज उठ रही है कि चीनी माल और चीनी ऐप का बहिष्कार किया जाए।

लद्दाख निवासी प्रसिद्ध शिक्षाविद् सोनम वांगचुक समेत कई लोग सोशल मीडिया पर यह मुहिम चला रहे हैं कि चीनी सॉफ्टवेयर एक सप्ताह में और चीनी हार्डवेयर एक साल में हटाएं। चीन को हमारी सेना बुलेट से जवाब देगी और हमें वॉलेट से जवाब देना चाहिए।

इस हथियार से तोड़ा इंटरनेट पर ड्रैगन का डंक
भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए से ड्रैगन का डंक तोड़ा है। इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत फैसला लागू करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने (प्रोसिजर एंड सेफगार्ड्स फॉर ब्लॉकिंग ऑफ एक्सेस ऑफ इंफॉरमेशन बाई पब्लिक) नियम 2009 और खतरों की आकस्मिक प्रकृति के मद्देनजर उक्त ऐप पर ताला लगा दिया।

उप्र एसटीएफ पहले ही दे चुकी चेतावनी
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने हाल में अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन से चाइनीज ऐप तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया था। सूची में 52 ऐप का जिक्र था, जिसमें टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, शेयर इट भी शामिल थे।

‘रिमूव चाइना ऐप्स’ का दिखा जलवा
चीनी ऐप्स के विरोध के बीच ‘रिमूव चाइना ऐप्स’ ने सबका ध्यान आकर्षित किया था। इसकी निर्माता कंपनी की ओर से दावा किया गया था कि यह ऐप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल फोन से सभी चीनी ऐप्स की पहचान कर उन्हें आसानी से हटाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर इस ऐप की काफी चर्चा रही और इसे 50 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया। हालांकि, बाद में गूगल ने अपने प्ले स्टोर से इसे हटा दिया। कंपनी ने कहा कि यह ऐप गूगल की नीतियों का उल्लंघन करता है।

चीन को सख्त संदेश
चूंकि वर्तमान में चीन के साथ एलएसी पर तनावपूर्ण स्थिति है। चीनी फौज के सामने भारतीय सेना के जांबाज अडिग चट्टान की तरह खड़े हैं। उधर, चीन अपने मुखपत्र के जरिए रोज नई धमकियां दे रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत मित्रता निभाना जानता है तो जवाब देना भी जानता है। चीनी ऐप पर पाबंदी उस ‘जवाब’ का ही हिस्सा है जिसका बड़ी संख्या में नागरिकों द्वारा स्वागत किया गया है।

खतरा हैं चीनी ऐप
चीनी ऐप निजता और सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षित नहीं माने जाते। इनके बारे में पहले भी कई एजेंसियां चेतावनी जारी कर चुकी हैं। ऐसे विभिन्न ऐप डेटा चोरी, निजता सुरक्षा और कई नियमों के उल्लंघन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहे हैं। कई ऐप इन आरोपों को लेकर आलोचना झेल चुके हैं कि वे चीनी फौज और चीनी खुफिया एजेंसियों को यूजर्स का डेटा मुहैया कराते हैं जिससे हैकिंग समेत कई खतरे पैदा सकते हैं। गलवान मेंं चीनी फौज पर हुई जोरदार चोट के बाद आशंका जताई जा रही थी कि चीनी हैकर भारतीय वेबसाइट्स और ऐप यूजर्स को निशाना बना सकते हैं।