कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न सावधानियों पर गौर करना बहुत जरूरी है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न सावधानियों पर गौर करना बहुत जरूरी है।

पटना/भाषा। पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल के एक गांव में हाल में आयोजित एक विवाह समारोह राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण की अब तक की सबसे बड़ी शृंखला के रूप में उभर कर सामने आया है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 350 से अधिक लोगों की ‘कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग’ कर उनकी जांच किए जाने पर पिछले कुछ दिनों के भीतर पालीगंज में 100 से अधिक लोगों में कारोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। विवाह में शामिल हुए दूल्हे के 15 करीबी रिश्तेदार भी संक्रमित पाए गए जिन्होंने संभवत: और लोगों को संक्रमित किया।

अधिकारियों ने नाम नहीं उजागर किए जाने का अनुरोध करते हुए बताया कि दूल्हा हरियाणा के गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर रहा था, जो मई के अंतिम सप्ताह में अपनी शादी के लिए डीहपाली गांव स्थित अपने घर लौटा था।

‘तिलक’ समारोह के कुछ दिनों बाद, उसमें लक्षण दिखने शुरू हो गए थे। शादी की तारीख 15 जून को दूल्हे को तेज बुखार था पर परिवार के सदस्यों की जिद पर उसने बुखार की दवा लेकर विवाह की रस्मों को अदा किया।

दो दिन बाद 17 जून को दूल्हे की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए पटना स्थित एम्स ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन को सूचित किए बिना ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन किसी ने जिलाधिकारी को फोन किया और पूरे प्रकरण की जानकारी दे दी जिसके बाद मृतक के सभी करीबी रिश्तेदारों का 19 जून को परीक्षण कराया गया ।

एहतियात के तौर पर 24-26 जून को जिस गांव में शादी हुई थी, वहां एक विशेष शिविर स्थापित कर 364 लोगों के नमूने एकत्र किए गए थे। उनमें से 86 लोग संक्रमित मिले।

प्रखंड विकास अधिकारी चिरंजीव पांडेय ने कहा कि ‘मीठा कुआं, खगारी मोहल्ला और पालीगंज बाजार के कुछ हिस्सों को पूरी तरह से सेनेटाइज किए जाने के साथ सील कर दिया गया है।’ संक्रमित पाए गए लोगों को इलाज के लिए बिहटा और फुलवारी शरीफ स्थित पृथक-वास केंद्रों में भर्ती कराया गया है।

बिहार में पटना कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में पहले स्थान पर है और जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार जिले में कोरोना वायरस संक्रमण से पांच लोगों की मौत के साथ इससे अब तक 699 प्रभावित हुए हैं और 372 लोगों का इलाज चल रहा है।