नई दिल्ली। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जाव़डेकर ने गरीबी और संघर्ष से जूझने के बावजूद बारहवीं के बोर्ड में सफलता के झंडे गा़डने वाले छात्रों को मंगलवार को सम्मानित करते हुए इन छात्रों से पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन से प्रेरणा लेने की सलाह दी ताकि वे भी एक दिन उनकी तरह देश का नाम रोशन कर सकें।जाव़डेकर ने मंगलवार को यहां गुण गौरव सम्मान समारोह में ८६ ऐसे छात्रों को सम्मानित किया जिन्होंने अपनी पारिवारिक अ़डचनों की परवाह न कर बारहवीं की परीक्षा में सफलता के झंडे गा़डे। ये केन्द्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय तथा अन्य सरकारी स्कूलों के छात्र हैं। यह दूसरा वर्ष है जब यह सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है।उन्होंने शिक्षा को सशक्तीकरण का माध्यम बताते हुए कहा कि मोदी कभी बचपन में चाय बनाते थे लेकिन एक दिन वह प्रधानमंत्री पद पर आसीन हुए, उनके जीवन से छात्रा प्रेरणा ले सकते हैं। उन्होंने डॉ कलाम का भी जिक्र किया जिनका जीवन भी छात्रों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि देश के असली नायक छात्र ही हैं और यही नया भारत है जिसका जिक्र मोदी अक्सर करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी में लगन हो तो उसे आगे ब़ढने से कोई रोक नहीं सकता हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि इन प्रतिभाशाली छात्रों को प़ढने के लिए आर्थिक मदद करने के लिए आगे आएं। इन छात्रों ने जाव़डेकर को अपने संघर्ष की कहानी भी सुनाई की किस तरह वे मुश्किलों का सामना कर आगे ब़ढे और अब डाक्टर, इंजीनियर या प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहते हैं। इनमें से कई ने भारतीय सेना में शामिल होने की भी मंशा जताई। इनमें कई ऐसे छात्र थे जिन्होंने आई आई टी की प्रवेश परीक्षा में सफलता पाई है।इस अवसर पर मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ महेन्द्रनाथ पाण्डेय और केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष आर के चतुर्वेदी भी मौजूद थे। पाण्डेय ने छात्रों को लालबहादुर शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेने की भी सलाह दी, जिन्होंने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया।