नई दिल्ली। नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारुक अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में मुसलमानों ने अपनी शहादत दी थी, लेकिन अब जम्मू-कश्मीर में घाटी के लोगों को पाकिस्तानी कहा जा रहा है।अब्दुल्ला ने ’’साझी विरासत बचाओ’’ सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि घाटी के लोग अपने हक की ल़डाई ल़ड रहे हैं और सरकार उनका हक छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद घाटी के लोग आसानी से पाकिस्तान जा सकते थे, लेकिन भारत में बराबरी के अधिकार के कारण मुसलमानों ने यहां रहना पसंद किया। उन्होंने कहा ‘हम चीनी, पाकिस्तानी या अंग्रेज मुसलमान नहीं हैं। हम भारतीय मुसलमान हैं और गर्व से ऐसा कहते हैं। दिल्ली की हुकूमत को हमारा दर्द समझना चाहिए।‘ उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान भारत का कुछ भी बिगा़ड नहीं सकता। हमारे अंदर ही चोर है जो देश बांटने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी की ल़डाई अंग्रेजों के खिलाफ थी, लेकिन अब अपने से जंग ल़डनी प़ड रही है।समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव ने कहा कि समाज में दहशत पैदा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि एक नई तरह की स्थिति बने और उससे राजनीतिक फायदा उठाया जाए। कुछ लोग झूठी बात को सही बताने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे लोगों में मनभेद और मतभेद हो। यादव ने सवाल किया कि संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की बात कही गई है उसका क्या हुआ?तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखेन्दु शेखरराय ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आम लोगों को जागरूक करना होगा, ताकि एक मजबूत आन्दोलन की शुरुआत की जा सके। उन्होंने कहा कि संसद के अंदर और बाहर लोगों की आवाज बंद करने की कोशिश की जा रही है और पूरे देश में एक पार्टी का शासन लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। चुनाव के दौरान जो वादा किया गया था उसमें से एक को भी पूरा नहीं किया गया और अब देश की एकता और भाईचारा को खतरे में डाला जा रहा है।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डी राजा ने कहा कि स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान कम्युनिस्टों ने भी अपनी कुर्बानी दी थी। लोकतंत्र और धर्म निरपेक्षता देश की पहचान है, लेकिन संघ परिवार देश को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहता है। बहुजन समाज पार्टी के नेता वीर सिंह और कुछ अन्य नेताओं ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया।