तिरुवनंतपुरम। देश के सबसे अमीर मंदिरों में शुमार ऐतिहासिक श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का तहखाना बी खोले जाने का सुझाव उच्चतम न्यायालय को दिए जाने के बाद केरल में इस मुद्दे पर बहस छि़ड गई है। त्रावणकोर राज परिवार के सदस्य अश्वथी तिरूनल गौरी लक्ष्मी बाई ने कहा कि वह तहखाना बी खोलने के खिलाफ हैं, क्योंकि यह ईश्वर की इच्छा के खिलाफ है जबकि इस परिवार के आदित्य वर्मा ने रविवार को कहा कि उनका परिवार आंखें मूंद कर इसका विरोध नहीं करेगा। गौरी लक्ष्मी बाई ने कहा कि तहखाना कभी नहीं खोला गया और पहले सिर्फ इसका बाहरी हिस्सा खोला गया था जबकि वर्मा ने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्य पुजारी का फैसला ही अंतिम होगा। वर्मा ने एक न्यूज चैनल को बताया, अंतिम निर्णय तंत्री (मुख्य पुजारी) का ही होगा। हम विरोध नहीं करेंगे। इस बीच, देवास्वम मंत्री कडक्कमपल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि चूंकि मामला उच्चतम न्यायालय के पास है, इसलिए राज परिवार अपनी बेचैनी न्यायालय के समक्ष जाहिर कर सकता है। उन्होंने कहा कि अदालत की सहायता के लिए नियुक्त वकील की इस रिपोर्ट के गलत होने की संभावना नहीं है कि तहखाना बी पहले खोला गया था। मंत्री ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि राज परिवार तहखाना खोलने का विरोध क्यों कर रहा है? उन्होंने कहा कि सरकार इस बारे में उनसे चर्चा करने के लिए तैयार है।राज परिवार पर सख्त टिप्पणी करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता वीएस अच्युतानंदन ने कहा कि तहखाना खोलने को लेकर आशंका जाहिर करने वालों को संदेह की नजर से देखा जाएगा। उन्होंने कहा, तहखाना बी खोला जाना चाहिए और उच्चतम न्यायालय की हालिया टिप्पणियों के मुताबिक इसमें रखी चीजों का जायजा लेना चाहिए।ू पिछले हफ्ते जब इस मामले पर शीर्ष अदालत में सुनवाई हुई थी तो वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमण्यम, जिन्हें इस मामले में अदालत की सहायता के लिए वकील नियुक्त किया गया है, ने अदालत को बताया था कि मंदिर का तहखाना बी (कल्लरा) खोला जाना चाहिए, क्योंकि उसे इस आशंका पर बंद कर दिया गया था कि उसमें कोई रहस्यमयी उर्जा है। उन्होंने यह भी कहा कि विशेषज्ञों की भी राय है कि तहखाना खोला जाना चाहिए, क्योंकि इसे पहले भी खोला जा चुका है।