नई दिल्ली। देश के १४वें राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए सोमवार को हुए मतदान में निर्वाचक मंडल के लगभग ९९ प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अनूप मिश्रा ने शाम पांच बजे तक चले मतदान के बाद बताया कि अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसग़ढ, हरियाणा, असम, गुजरात, बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, नगालैंड, उत्तराखंड और पुडुचेरी में शत प्रतिशत मतदान हुआ। संसद भवन और सभी राज्यों की विधानसभाओं में बनाए गए मतदान केन्द्रों पर सोमवार सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक मतदान हुआ। मतगणना २० जुलाई को होगी।सत्तारू़ढ राजग की ओर से रामनाथ कोविंद और विपक्षी गठबंधन संप्रग द्वारा कांग्रेस नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को प्रत्याशी बनाया गया है। लोकसभा के महासचिव और निर्वाचन अधिकारी मिश्रा ने बताया कि संसद भवन स्थित मतदान केन्द्र पर ९९ प्रतिशत मतदान हुआ। मिश्रा ने बताया कि लोकसभा और राज्यसभा के कुल ७७६ सदस्यों में से ७७१ सदस्यों को ही मताधिकार के लिए योग्य घोषित किया गया था। इनमें से दोनों सदनों की दो दो सीटें खाली हैं जबकि भाजपा सांसद छेदी पासवान के पास मताधिकार नहीं था। मिश्रा ने बताया कि संसद भवन स्थित मतदान केन्द्र पर ७१७ सांसदों को मतदान करना था लेकिन इनमें से ७१४ ने यहां मतदान किया। टीएमसी सांसद तापस पाल, बीजद के रामचंद्र हंसदा और पीएमके सांसद अंबुमणि रामदास ने वोट नहीं डाला। वहीं ५४ सांसदों ने अपने राज्य की विधानसभा में बनाए गए मतदान केन्द्र पर वोट डालने की अनुमति मांगी थी। इनमें गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर, उप्र के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केन्द्रीय मंत्री उमा भारती शामिल हैं जबकि गुजरात से विधायक और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संसद भवन में मतदान करने की अनुमित मांगी थी। मिश्रा ने बताया कि संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबसे पहले मतदान करने वालों में शामिल थे। उन्होंने बताया कि दिल्ली सहित अन्य राज्यों में भी लगभग शत प्रतिशत मतदान हुआ।संसद भवन सहित राज्यों की विधानसभाओं में बनाए गए कुल ३२ मतदान केन्द्रों पर हुए मतदान के बाद २० जुलाई को दिन में ११ बजे से मतगणना होगी। सभी मतदान केन्द्रों से मतपेटियों को संसद भवन स्थित मतदान केन्द्र पर भेजा जाएगा। मतगणना के दौरान सबसे पहले संसद भवन स्थित मतदान केन्द्र के मतों की गणना होगी इसके बाद राज्यों की विधानसभाओं से लाए गए मतपत्रों की गणना की जाएगी।राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में कुल ४८९६ मतदाता हैं। इनमें ४१२० विधायक और ७७६ सांसद शामिल हैं। विधान परिषदों के सदस्य राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में शामिल नहीं होते हैं। प्रत्येक सांसद के मत का मूल्य ७०८ और विधायक का मतमूल्य प्रत्येक राज्य में अलग अलग है।