पणजी। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बुधवार को कहा कि रेलवे को आने वाले समय में अपने माल परिवहन में शामिल वस्तुओं में विविधता लानी होगी। उन्होंने कहा कि कम मात्रा में माल ढुलाई के लिए निजी एवं सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) की पहल सबसे उपयुक्त होगी। प्रभु ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा लॉजिस्टिक्स पर आयोजित तीसरे सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, रेलवे परंपरागत तौर पर थोक जिंसों में कारोबार करता रहा है, इसमें भी अयस्क और सीमेंट सहित दस प्रमुख जिंस शामिल हैं। उन्होंने कहा, फिलहाल महत्वपूर्ण यह है कि कुछ समय बाद हमें अपने माल परिवहन में शामिल वस्तुओं में विविधता लाने की जरूरत होगी और इसके लिए हमें छोटी-छोटी मात्रा में माल को लेना होगा। मंत्री ने कहा कि छोटी मात्रा में माल की ढुलाई करने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि इसे पीपीपी पहलों के तहत किया जाए।प्रभु ने यहां उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा, ऐसे उद्योग हैं जो कि रेलवे में माल लाना चाहते हैं। निजी माल टर्मिनल भी हैं जहां इसे रखा जा सकता है और फिर इसे रेलवे में भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल को वर्ष २०३० तक दुनिया की सबसे बेहतर रेलवे बनाने के लिए दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार है और इसके लिए जमीनी काम शुरू हो गया है।