जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौ़ड ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं को बेहत्तर क्रियान्वयन में लापरवाही करने पर अधिकारियों के विरूद्ध क़डी कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए विभाग के अतिरिक्त मुख्य शासन सचिव, को कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों का परीक्षण कर १७ सीसी का नोटिस जारी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।राठौ़ड गुरुवार को इन्दिरा गांधी पंचायती राज प्रशिखण विकास संस्थान में महात्मा गांधी नरेगा, स्मार्ट विलेज, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधान मंत्री आवास योजना की वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा कर रहे थे।पंचायती राज मंत्री राठौ़ड ने निर्देश दिए कि ३ हजार से अधिक आबादी वाले गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने के लिए किए जाने वाले बैस लाईन सर्वे को जुलाई तक पुरा कराकर यह सुनिश्चित किया जाए कि किस गांव में क्या-क्या आधारभूत सुविधां उपलब्ध कराई जानी है जिससे उक्त सुविधाओं के लिए सम्बधित विभाग को से पुरी करायी जा सकें। राठौ़ड ने राज्य में संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्य आवासीय पट्टा अभियान की समीक्षा करते बताया कि अभियान के दौरान दस लाख पट्टे जारी करने के राज्य में अब तक ३.७० लाख लोगों को पट्टा वितरित किए जा चुके है। लक्ष्य के अनुरूप उन्होनें एक लाख से अधिक पट्टों से सम्बधित लम्बित आवेदन पत्रों का सात दिनों में निस्तारण कर पट्टे जारी करने के निर्देश दिए। उन्होनें निर्देश दिए पट्टा अभियान में कोई भी गरीब पात्र व्यक्ति आवास बनाने के लिए पट्टे से वंचित नही रहें। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राठौ़ड ने राज्य में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य में इस वर्ष के अन्त तक ४.३१ लाख आवास बनाने का लक्ष्य जिसके विपरित २.५० लाख आवासों की जीयो टेंगिंग कर स्वीकृतियां जारी कर प्रथम किस्त दी जा चुकी है। उन्होनें निर्देश दिए कि कलस्टर के रूप में एक स्थान पर १० या उससे अधिक आवास बनाने वाले बीपीएल परिवारों के लिए स़डक, बिजली कनेक्शन, शौचालय एवं गैस कनेक्श्न निःशुल्क उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जाए। राठौ़ड ने बताया कि गत सरकार के समय मुख्यमंत्री आवास योजना में स्वीकृत ११ लाख आवास निर्माण कार्यो को पुरा करने के लिए गम्भीर प्रयास किए गए। गत तीन सालों में ८.३० लाख से आवासों को पुरा कर दिया गया तथा शेष अधुरे आवासों को पूर्ण कराने के प्रयास तेजी से किए जा रहे है।