लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने सोमवार के कुछ समाचारपत्रों में विपक्षी एकता से संबंधित प्रकाशित पोस्टर को फर्जी ठहराते हुए साफ किया कि उसका कोई भी आधिकारिक ट्विटर एकाउंट नहीं है और इसलिए पोस्टर को ट्विटर के माध्यम से जारी करने का कोई सवाल नहीं है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने यहां जारी एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता लालू प्रसाद यादव द्वारा २७ अगस्त को प्रस्तावित विपक्ष की रैली से सम्बन्धित जिस पोस्टर के हवाले से सोमवार को कुछ अखबारों में खबर छपी हैं, वह सही नहीं है। बसपा इसका खंडन करती है। उन्होंने कहा कि बसपा विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात देश के सामने रखने के लिए खास तौर से हिन्दी में प्रेसनोट जारी करती है ताकि विस्तार से अपनी बातें मीडिया और लोगों के सामने रख सके, जबकि ट्विटर में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।बसपा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी एकता के जिस पोस्टर के हवाले से खबर बनाई है वह प्रथम दृष्टया गलत व शरारतपूर्ण है। बसपा की नीति व सिद्धान्त ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’’ पर आधारित है और इसको ही मुुख्य लक्ष्य रखकर हमेशा इसकी ही बात करती है, जबकि ट्विटर वाले पोस्टर में ‘बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय’’ को दर्शाया गया है, जो कि गलत है। इसके अलावा उस पोस्टर में और भी कई त्रुटियां हैं। मीडिया को ऐसी ख़बरों के प्रकाशन व प्रसारण से पहले बसपा की आधिकारिक टिप्पणी अवश्य ही प्राप्त कर लेनी चाहिए थी। गौरतलब है कि समाचार पत्रों में प्रकाशित एक पोस्टर में मायावती की एक आदमकद फोटो दर्शाई गई है। पोस्टर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, ममता बनर्जी, सोनिया गांधी और शरद यादव के चित्र लगे हैं। पोस्टर का स्लोगन है ‘सामाजिक न्याय के समर्थन में विपक्ष एक ही‘।