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लाल किले की प्राचीर से क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी? यहां जानें
 
लाल किले की प्राचीर से क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी? यहां जानें
तिरंगे को सलाम करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की ध्वजारोहण कर राष्ट्र को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प चढ़ाकर नमन किया।

लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव, 75वें स्वतंत्रता दिवस की सभी देशवासियों को और विश्व भर में भारत को प्रेम करने वालों, लोकतंत्र को प्रेम करने वालों को बहुत-बहुत बधाई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने सदियों तक मातृभूमि, संस्कृति और आजादी के लिए संघर्ष किया है। आजादी की ललक इस देश ने सदियों तक छोड़ी नहीं। जय-पराजय आते रहे, लेकिन मन मंदिर में बसी आजादी की आकांक्षा कभी खत्म नहीं होने दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी में हमारे डॉक्टर, हमारे नर्सेस, हमारे पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी, वैक्सीन बनाने मे जुटे वैज्ञानिक हों, सेवा में जुटे नागरिक हों, वे सब भी वंदन के अधिकारी हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ओलंपिक में भारत की युवा पीढ़ी ने भारत का नाम रोशन किया है। मैं आज देशवासियों को कहता हूं कि हमारे खिलाड़ियों के सम्मान में कुछ पल तालियां बजाएं और उनका सम्मान करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हर देश की विकासयात्रा में एक समय ऐसा आता है, जब वो देश खुद को नए सिरे से परिभाषित करता है, खुद को नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ाता है। भारत की विकास यात्रा में भी आज वो समय आ गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें नए संकल्पों को आधार बनाकर चल पड़ना है। यहां से शुरू होकर अगले 25 वर्ष की यात्रा नए भारत के सृजन का अमृत-काल है। इस अमृत-काल में हमारे संकल्पों की सिद्धि, हमें आजादी के 100 वर्ष तक ले जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास, इसी श्रद्धा के साथ हम सब जुटे हुए हैं। आज लाल किले की प्राचीर से मैं आह्वान कर रहा हूं- सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और अब सबका प्रयास, हमारे हर लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी के समय भारत जिस तरह से 80 करोड़ देशवासियों को महीनों तक लगातार मुफ्त अनाज देकर गरीब के चूल्हे को जलते रखा है, ये भी दुनिया के लिए अचरज भी है और चर्चा का विषय भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संकल्प तब तक अधूरा होता है, जब तक संकल्प के साथ परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा न हो। इसलिए हमें हमारे सभी संकल्पों को परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा करके सिद्ध करके ही रहना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हमें सैचुरेशन की तरफ जाना है। शत प्रतिशत गांवों में सड़कें हों, शत प्रतिशत परिवारों के पास बैंक अकाउंट हो, शत प्रतिशत लाभार्थियों के पास आयुष्मान भारत का कार्ड हो, शत प्रतिशत पात्र व्यक्तियों के पास उज्ज्वला योजना का गैस कनेक्शन हो।