नई दिल्ली/दक्षिण भारत। केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के कारण देश के विभिन्न स्थानों में फंसे प्रवासी मजदूरों और अन्य लोगों को अपने राज्यों में भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए नियम जारी किए हैं।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार, कोविड-19 से लड़ने के लिए लगाए गए लॉकडाउन प्रतिबंध के परिणामस्वरूप देश में विभिन्न स्थानों पर प्रवासी मज़दूर, तीर्थयात्री, पर्यटक, छात्र और अन्य व्यक्ति फंसे हुए हैं। अब, केंद्र ने इन फंसे हुए लोगों के स्थानांतरण की सड़क मार्ग से अनुमति दी है।

मंत्रालय ने कहा है कि संबंधित राज्यों द्वारा एक-दूसरे से परामर्श करने और पारस्परिक रूप से सहमत होने के बाद उन्हें एक से दूसरे राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के बीच स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाएगी।

मंत्रालय ने बताया कि इस बात पर बल दिया गया है कि उनके गंतव्य पर पहुंचने पर ऐसे व्यक्तियों का मूल्यांकन स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा किया जाए और उन्हें होम क्वारंटाइन में रखा जाए, जब तक कि आकलन के लिए व्यक्ति को इंस्टिट्यूशनल क्वारंटाइन में रखने की आवश्यकता न हो। इसके अलावा, उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के साथ रखा जाए।

मंत्रालय ने कहा है कि इस प्रयोजन के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसे व्यक्तियों को आरोग्य सेतु एप का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें, जिनके माध्यम से उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर उनका पता लगाया जा सके।