capital punishment
capital punishment

नई दिल्ली/भाषा। निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चारों दोषियों ने फांसी दिए जाने से पहले कोई आखिरी इच्छा जाहिर नहीं की थी।

अधिकारी ने कहा, ‘दोषियों ने अधिकारियों के समक्ष कोई आखिरी इच्छा जाहिर नहीं की थी।’ फांसी दिए जाने से पहले उनसे उनकी आखिरी इच्छा पूछी गई थी।

जेल की नियामवली के अनुसार, अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट या अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कैदी की वसीयत सहित किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए जा सकते हैं या उसे संलग्न किया जा सकता है।

गौरतलब है कि पूरे देश की आत्मा को झकझोर देने वाले इस मामले के चारों दोषियों मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को सुबह साढ़े पांच बजे तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई।