सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) होंगे। इस संबंध में ऐलान कर दिया गया है। बता दें कि केंद्र सरकार चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ा चुकी है। नियमों के अनुसार, सीडीएस के सेवानिवृत्त होने की आयु 65 साल होगी। पहले यह 62 निर्धारित की गई थी। उल्लेखनीय है कि जनरल रावत 31 दिसंबर को सेना प्रमुख के पद से से​वानिवृत्त होंगे। उनके बाद सेना प्रमुख का पद जनरल मनोज मुकुंद नरवणे संभालेंगे।

बता दें कि 1999 में कारगिल समीक्षा समिति ने सरकार को एकल सैन्य सलाहकार के तौर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के सृजन का सुझाव दिया था। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सैन्य मामलों के प्रमुख होंगे और वे चार स्टार जनरल होंगे। उनका वेतन सेना प्रमुख के समान होगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ सैन्य मामलों के विभाग के प्रमुख होंगे जिनका सृजन रक्षा मंत्रालय करेगा और वे इसके सचिव के रूप में काम करेंगे।

पिछले दिनों सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट समिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के नेतृत्व वाली उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी। इस समिति ने सीडीएस की जिम्मेदारियों और ढांचे को अंतिम रूप दिया था।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को घोषणा की थी कि भारत में तीनों सेना के प्रमुख के रूप में सीडीएस होगा। उसके बाद से ही यह चर्चा थी कि सेना प्रमुख जनरल रावत देश के पहले सीडीएस हो सकते हैं। सीडीएस अन्य सेना प्रमुखों के समान ही होंगे। हालांकि प्रोटोकॉल की सूची में सीडीएस, सेना प्रमुखों से ऊपर होंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) सरकार के लिए एकल सैन्य सलाहकार के तौर पर काम करेंगे।