नई दिल्ली/भाषा। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया, जिसमें दूरसंचार कंपनियों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि लॉकडाउन के कारण ‘अनिवार्य रूप से बंद’ कार्यालयों, दुकानों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से शुल्क नहीं लिए जाएं।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही इस तरह के मुद्दे पर गौर कर चुका है और उच्च न्यायालय इस याचिका पर विचार करने को इच्छुक नहीं है।

इस पर, याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील अमित साहनी ने याचिका वापस ले ली। साहनी ने कहा कि लॉकडाउन के कारण लोग कार्यस्थलों पर नहीं जा पा रहे हैं और इसलिए दूरसंचार कंपनियों और आईएसपी को इस अवधि के लिए पैसे नहीं लेने चाहिए क्योंकि लोगों को ये सेवाएं प्राप्त नहीं हो पा रही हैं।

याचिकाकर्ता एसके शर्मा ने कहा कि उन्होंने दूरसंचार कंपनियों को इस संबंध में निर्देश देने के लिए अधिकारियों को एक ज्ञापन दिया था।