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9.75 करोड़ किसानों को राहत, मोदी ने खातों में भेजे 19,509 करोड़ रुपए
 
9.75 करोड़ किसानों को राहत, मोदी ने खातों में भेजे 19,509 करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 9.75 करोड़ किसानों को 19,509 करोड़ रुपए की पीएम किसान सम्मान राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मैं पिछले कईं दिनों से सरकार की अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों से चर्चा कर रहा हूं। सरकार ने जो योजनाएं बनाई है, उनका लाभ लोगों तक कैसे पहुंच रहा है, यह और बेहतर तरीके से हमें पता चलता है। जनता जनार्दन से डायरेक्ट कनेक्शन का यही लाभ होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। यह महत्वपूर्ण पड़ाव हमारे लिए गौरव का तो है ही, ये नए संकल्पों, नए लक्ष्यों का भी अवसर है। इस अवसर पर हमें तय करना है कि आने वाले 25 वर्षों में हम भारत को कहां देखना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश जब आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, 2047 में तब भारत की स्थिति क्या होगी, यह तय करने में हमारी खेती, हमारे किसानों की बहुत बड़ी भूमिका है। यह समय भारत की कृषि को एक ऐसी दिशा देने का है, जो नई चुनौतियों का सामना कर सके और नए अवसरों का लाभ उठा सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का केसर विश्व प्रसिद्ध है। सरकार ने यह फैसला लिया है कि यह देशभर में नाफेड की दुकानों पर उपलब्ध होगा। इससे जम्मू-कश्मीर में केसर की खेती को बहुत प्रोत्साहन मिलने वाला है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने बीते 1.5 वर्ष में कोरोना महामारी के कारण दुनिया भर में हो रहे बदलावों को अनुभव किया है। इस कालखंड में देश में ही खान-पान की आदतों को लेकर जागरूकता आई है। मोटे अनाज, मसाले, सब्जी, फलों, ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने खरीफ हो या रबी सीजन, किसानों से एमएसपी पर अब तक की सबसे बड़ी खरीद की है। इससे, धान किसानों के खाते में लगभग 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपए और गेहूं किसानों के खाते में लगभग 85 हजार करोड़ रुपए डायरेक्ट पहुंचे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले जब देश में दालों की बहुत कमी हो गई थी, तो मैंने देश के किसानों से दाल उत्पादन बढ़ाने का आग्रह किया था। परिणाम यह हुआ कि बीते 6 साल में देश में दाल के उत्पादन में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य तेल में हमारा देश आत्मनिर्भर हो इसके लिए हमें काम करना है। इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन का संकल्प लिया गया है। आज देश भारत छोड़ो आंदोलन को याद कर रहा है, इस ऐतिहासिक दिन में ये संकल्प हमें ऊर्जा से भर देता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत कृषि निर्यात के मामले में पहली बार दुनिया के टॉप-10 देशों में पहुंचा है। कोरोना काल में देश ने कृषि निर्यात के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। आज जब भारत की पहचान एक बड़े कृषि निर्यातक देश की बन रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देश की कृषि नीतियों में इन छोटे किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। छोटे किसानों को सुविधा और सुरक्षा देने का एक गंभीर प्रयास किया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अब तक 1 लाख 60 करोड़ रुपए किसानों को दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में ही 2 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं, जिसमें से अधिकतर छोटे किसानों के लिए हैं। कल्पना कीजिए कि यह मदद अगर किसानों को न मिलती, तो 100 वर्ष की इस सबसे बड़ी आपदा में उनकी क्या स्थिति होती।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड हो, या 10,000 किसान उत्पादक संघों का निर्माण, कोशिश यही है कि छोटे किसानों की ताकत को बढ़ाया जाए। छोटे किसानों की बाजारों तक पहुंच भी अधिक हो और बाजारों में मोलभाव करने की उनकी क्षमता भी अधिक हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल में एक और बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने तय किया है कि जो राज्यों में हमारी सरकार मंडियां है उनको भी विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से मदद मिल सके। इस फंड का उपयोग करके हमारी सरकारी मंडियां बेहतर होंगी, ज्यादा मजबूत होगी, आधुनिक होंगी।