ढाणी से निकला जैविक खेती का अंतरराष्ट्रीय सितारा

पवन टाक को सम्मानित करते हुए समाज के लोग।
पवन टाक को सम्मानित करते हुए समाज के लोग।

युवा किसान पवन टाक ने गांवों के प्रति बदली आम धारणा

जोधपुर/दक्षिण भारत। आधुनिक युग में बहुत से लोग गांव-ढाणी के जीवन को अच्छा नहीं मानते, लेकिन इस बात को फड़ाकों की ढाणी, रणसी गांव, तहसील बिलाड़ा, जोधपुर के युवा किसान पवन टाक ने गलत साबित कर दिखाया है।

हाल ही में हैती देश के थेऔफनी विश्वविद्यालय व चार्ल्स वाल्टर सोसायटी फ़ॉर इनोवेशन एंड रिसर्च, गोरखपुर द्वारा आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में विश्वस्तर की कई हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में हैती देश के थेऔफनी विश्वविद्यालय ने पवन टाक, (मुख्य प्रबंधक जैविक कृषि अनुसंधान केन्द्र, गोयल ग्रामीण विकास संस्थान कोटा) को मानद डॉक्टरेट की डिग्री के लिए नामित किया है। दीक्षांत समारोह भारत की राजधानी दिल्ली में होना प्रस्तावित है।

उक्त कार्यक्रम में प्रो. जॉन एन कलर्स (संस्थापक, अरिस्टों विश्वविद्यालय, संयुक्त राज्य अमेरिका) डॉ सोफी नुबानी (शोध लेखिका, संयुक्त राज्य अमेरिका) के अलावा फ्रांस के वैज्ञानिकों के साथ भारतीय प्रतिनिधि के रूप में डॉ बाल्मीकि प्रसाद (निदेशक, कॉरपोरेट मंत्रालय, दिल्ली) आदि उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कार्यक्रम प्रमुख डॉ गोडफ्रे कासेडे ने बताया कि पवन टाक के नवाचारी कार्य व शोध यात्रा विश्वस्तर पर चयन हुए समस्त प्रतिभागियों के समकक्ष है।

विदित है कि उक्त कार्यक्रम में विश्वप्रसिद्ध मेजर, जनरल विक्रम डोगरा, जो कि दुनिया की सबसे मुश्किल आयरनमैन ट्राइथलॉन रेस जीतने वाले भारतीय सेना के पहले अफसर हैं, उन्हें भी नामित किया है। साथ ही में विश्व में विभिन्न क्षेत्रों में नवाचारी कार्य करने वाले युवाओं को नामित किया गया, जिसमें आईआईटी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, गोल्ड मेडलिस्ट,ऑक्सफर्ड व केम्ब्रिज ग्रुप के युवा भी शामिल हैं।

ज्ञात रहे युवा पवन पूर्व में अंतरराष्ट्रीय केमिकल कम्पनी का लाखों का पैकेज छोड़ जैविक खेती की अलख जगाने हेतु कई नवाचार कर चुके हैं। पूर्व में दुर्गापुरा, जयपुर स्थित अंतराष्ट्रीय स्तरीय केन्द्र, अंतरराष्ट्रीय उद्यानिकी नवाचार व प्रशिक्षण केंद्र में जैविक डूंगरपुर प्रोजेक्ट के चीफ ट्रेनर व राजस्थान के दम्पति प्रशिक्षण मॉडल के चीफ ट्रेनर भी रह चुके हैं। टेड टॉक स्पीकर भी रह चुके हैं साथ ही 50 से ज्यादा कार्यक्रमों में बतौर वक्ता उन्हें आमंत्रित किया जा चुका है। इन्हें युवा किसान वैज्ञानिक का अवार्ड कई कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा दिया जा चुका है। खेती किसानी के लिए 50 से ज्यादा प्रयोग किए हैं। तीन पुस्तकें सहित कई शोध पत्र लेख आदि भी प्रकाशित हुए हैं।

कोटा स्थित जैविक कृषि अनुसंधान केन्द्र, गोयल ग्रामीण विकास संस्थान में मुख्य प्रबंधक की भूमिका में डटे टाक ने इस उपलब्धि को अपने सभी मार्गदर्शकों को समर्पित किया है।

प्रस्तुति: मोईनुद्दीन चिश्ती
(देश के वरिष्ठ लेखक-पत्रकार हैं और अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए ख़ासे लोकप्रिय हैं)