लौंगेवाला पोस्ट पर वीर जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
लौंगेवाला पोस्ट पर वीर जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

लौंगेवाला/दक्षिण भारत। भारतीय सेना के जवानों के साथ दीपावली मनाने शनिवार को यहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन और पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भारत को आजमाया गया तो ‘प्रचंड जवाब’ मिलेगा। उन्होंने यहां भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित लौंगेवाला चौकी पर जवानों को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आज आपके बीच प्रत्येक भारतवासी की शुभकामनाएं लेकर आया हूं, आपके लिए प्यार लेकर आया हूं, आशीष लेकर आया हूं। मैं आज उन वीर माताओं-बहनों और बच्चों को भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं, उनके त्याग को नमन करता हूं, जिनके अपने सरहद पर हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आप भले बर्फीली पहाड़ियों पर रहें या फिर रेगिस्तान में, मेरी दीपावली तो आपके बीच आकर ही पूरी होती है। आपके चेहरों की रौनक देखता हूं, आपके चेहरे की खुशियां देखता हूं, तो मुझे भी दोगुनी खुशी होती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय की बुलंदियां हों, रेगिस्तान का विस्तार हो, घने जंगल हों या फिर समंदर की गहराई हो, हर चुनौती पर हमेशा आपकी वीरता भारी पड़ी है। दुनिया की कोई भी ताकत हमारे वीर जवानों को देश की सीमा की सुरक्षा करने से रोक नहीं सकती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया का इतिहास हमें यह बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे हैं, वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी। भले ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना ही आगे क्यों न आ गया हो, समीकरण कितने ही बदल क्यों न गए हों, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते कि: सतर्कता ही सुरक्षा की राह है, सजगता ही सुख-चैन का संबल है। सामर्थ्य ही विजय का विश्वास है, सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया यह जान रही है, समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्तीभर भी समझौता करने वाला नहीं है। भारत का यह रुतबा, कद आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के ही कारण है। आपने देश को सुरक्षित किया हुआ है इसीलिए आज भारत वैश्विक मंचों पर प्रखरता से अपनी बात रखता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान है। विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और 18वीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है। इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है। हाल में हमारी सेनाओं ने निर्णय लिया है कि वो 100 से ज्यादा हथियारों और साजो-सामान को विदेश से नहीं मंगवाएगी। मैं सेनाओं को इस फैसले के लिए बधाई देता हूं। सेना के इस फैसले से देशवासियों को भी लोकल के लिए वोकल होने की प्रेरणा मिली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आज देश के नौजवानों से देश की सेनाओं के लिए निर्माण करने का आह्वान करता हूं। हाल के दिनों में अनेक स्टार्ट-अप्स सेनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए आगे आए हैं। डिफेंस सेक्टर में नौजवानों के नए स्टार्ट-अप्स देश को आत्मनिर्भरता के मामले में और तेजी से आगे ले जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत की रणनीति साफ है, स्पष्ट है। आज का भारत समझने और समझाने की नीति पर विश्वास करता है लेकिन अगर हमें आज़माने की कोशिश होती है, तो जवाब भी उतना ही प्रचंड मिलता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमा पर रहकर आप जो त्याग करते हैं, तपस्या करते हैं, वो देश में एक विश्वास पैदा करता है। यह विश्वास होता है कि मिलकर बड़ी से बड़ी चुनौती का मुकाबला किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, आज के दिन मैं आपसे तीन आग्रह और करना चाहता हूं। 1. कुछ न कुछ नया इनोवेट करने की आदत को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाइए। आजकल कई जगहों पर हमारे जवान महत्वपूर्ण इनोवेशंस कर रहे हैं। 2. योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखिए। 3. अपनी मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी के अलावा, कम से कम एक भाषा जरूर सीखिए। आप देखिएगा, ये बातें आपमें एक नई ऊर्जा का संचार करेंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक आप हैं, आपका यह हौसला है, आपका ये त्याग और तपस्या है तब तक 130 करोड़ देशवासियों का आत्मविश्वास कोई नहीं डिगा पाएगा। जब तक आप हैं, देश की दिवाली इसी तरह रोशन होती रहेगी।