प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मालवहन गलियारा (वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) के 306 किमी लंबे न्‍यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने रेवाड़ी-मदार रेलखंड का लोकार्पण कर डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन परिचालन की शुरुआत की।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए चल रहे महायज्ञ ने आज एक नई गति हासिल की है। बीते दिनों आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे 18,000 करोड़ रुपए से ज्यादा ट्रांसफर किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिनों पहले, भारत ने कोविड के स्वदेश निर्मित टीके को मंजूरी दी। इसने भारतीयों को नए सिरे से आत्मविश्वास प्रदान किया है। ये सभी प्रयास और कदम भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समर्पित माल गलियारे को अगले दशक में भारत के लिए एक गेमचेंजर के रूप में देखा जा रहा है। पिछले पांच-छह सालों में बहुत मेहनत करने के बाद यह फलने-फूलने लगा है। भारत को सभी मोर्चों पर विकास के लिए तीन गुणा गति की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब नए साल में देश का आगाज अच्छा है, तो आने वाला समय भी शानदार और जानदार होना तय है। न्यू अटेली से न्यू किशनगढ़ तक 1.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ियों की शुरुआत के साथ आज भारत दुनिया के गिने-चुने देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान के किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों के लिए नए अवसर लाया है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर चाहे ईस्टर्न हो या वेस्टर्न, ये सिर्फ मालगाड़ियों के लिए आधुनिक रूट नहीं हैं। ये देश के तेज विकास के कॉरिडोर हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर का काम दो पटरियों पर एकसाथ चल रहा है। एक पटरी व्यक्ति के विकास को आगे बढ़ा रही है और दूसरी पटरी पर देश के ग्रोथ इंजन को नई ऊर्जा मिल रही है।

पिछले छह वर्षों में, रेल नेटवर्क के चौड़ीकरण पर किया गया निवेश अभूतपूर्व है। इसने भारतीय रेलवे के दायरे को चौड़ा किया है और हमारी ट्रेनों की गति को बढ़ाया है। पहले रेलवे में बुकिंग से लेकर यात्रा समाप्ति तक शिकायतों का ही अंबार रहता था। साफ-सफाई, समय पर ट्रेन चले, सुविधा, सुरक्षा हर स्तर पर रेलवे में बदलाव करने की मांग होती रही। बदलाव के इन कामों को बीते वर्षों में गति दी गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण से न केवल भारतीय रेल नेटवर्क के कंजेशन में कमी आएगी, बल्कि परिवहन लागत में कमी और माल ढुलाई की क्षमता में भी वृद्धि होगी।