कौशल विकास राष्ट्रीय जरूरत, ‘आत्मनिर्भर भारत’ का बहुत बड़ा आधार: मोदी

फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विश्व कौशल युवा दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के युवाओं का कौशल विकास एक राष्ट्रीय जरूरत है, आत्मनिर्भर भारत का बहुत बड़ा आधार है। बीते छह वर्षों में जो आधार बना, नए संस्थान बने, उसकी पूरी ताकत जोड़कर हमें नए सिरे से स्किल इंडिया मिशन को गति देनी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने स्किल्स को महत्व देने के साथ ही, उसे समाज के उल्लास का हिस्सा बनाया। हम विजयादशमी को शस्त्र पूजन करते हैं, अक्षय तृतीया को किसान फसल की, कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं। भगवान विश्वकर्मा की पूजा तो हर शिल्प से जुड़े लोगों के लिए बहुत बड़ा पर्व रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज यह जरूरी है कि लर्निंग आपकी अर्निंग के साथ ही रुके नहीं। आज दुनिया में स्किल्स की इतनी डिमांड है कि जो स्किल्ड होगा, वही आगे बढ़ेगा। यह बात व्यक्तियों पर भी लागू होती है और देश पर भी लागू होती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर शिक्षा हमें यह जानकारी देती है कि क्या करना है, तो स्किल यह सिखाती है कि वो काम वास्तविक स्वरूप में कैसे होगा। स्किल इंडिया मिशन इसी सच्चाई, इसी जरूरत के साथ कदम से कदम मिलाने का कार्यक्रम है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के लिए एक स्मार्ट और स्किल्ड मैन पावर सॉल्यूशंस भारत दे सके, यह हमारे नौजवानों की स्किलिंग रणनीति के मूल में होना चाहिए। इसको देखते हुए ग्लोबल स्किल गैप की मैपिंग जो की जा रही है, वो प्रशंसनीय कदम है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर ने युवाओं की, कमजोर वर्ग की स्किलिंग पर बहुत दिया था। आज स्किल्ड इंडिया के जरिए देश बाबासाहेब के इस दूरदर्शी सपने को पूरा करने के लिए भरपूर प्रयास कर रहा है।