आईटीबीपी के महानिदेशक एसएस देसवाल
आईटीबीपी के महानिदेशक एसएस देसवाल

नई दिल्ली/भाषा। लद्दाख में चीन के साथ जारी सैन्य गतिरोध के बीच आईटीबीपी के महानिदेशक एसएस देसवाल ने रविवार को कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का मनोबल ‘बहुत ऊंचा’ है और बल अतीत की तरह देश के लिए अपने जीवन का बलिदान देने को तैयार है।

भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के मुखिया ने कहा कि लद्दाख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया दौरे और निमू में उनके संबोधन से ‘सीमा पर सभी बलों का मनोबल बढ़ा’ है। उन्होंने कहा, ‘देश का संपूर्ण नेतृत्व, नेता, बल और जवान… सभी देश के लिए समर्पित हैं।’

देसवाल ने कोरोना वायरस के मरीजों के उपचार के लिए यहां 10 हजार बिस्तरों वाले स्वास्थ्य सेवा केंद्र के उद्घाटन समारोह के इतर संवाददाताओं से कहा, ‘वे सीमा की सुरक्षा के प्रति समर्पित हैं और सभी सशस्त्र बलों का मनोबल ऊंचा है, चाहे वह थलसेना हो, वायुसेना हो या आईटीबीपी हो।’

देसवाल ने कहा कि सशस्त्र बल के जवानों ने अतीत में भी अपने कर्तव्य के पालन के लिए जीवन का बलिदान दिया है और वे भविष्य में भी देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने को तैयार हैं।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवा केंद्र के बारे में कहा कि बल के चिकित्सकों और पैरामेडिक्स का दल बड़ी संख्या में मरीजों का उपचार करने में सक्षम है, क्योंकि उसके पास कोरोना वारयरस से निपटने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के छावला इलाके में आईटीबीपी के बनाए देश के पहले पृथक-वास केंद्र के संचालन और ग्रेटर नोएडा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के रेफरल अस्पताल में संक्रमित पुलिसकर्मियों के उपचार का अनुभव है।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने 10,000 बिस्तर वाले सरदार पटेल कोविड देखभाल केंद्र का रविवार को उद्घाटन किया, जो दुनिया में अपनी तरह का ‘सबसे बड़ा’ केंद्र है।

इसे छतरपुर में राधा स्वामी सत्संग व्यास में बनाया गया है। यह केंद्र मामूली या बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस मरीजों के लिए है। यह बिना लक्षण वाले उन संक्रमित लोगों के लिए उपचार केंद्र है जिनके घर में पृथक रहने की व्यवस्था नहीं है।