उप्र चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, जितिन प्रसाद ने ‘हाथ’ का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामा

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते हुए जितिन प्रसाद। फोटो स्रोत: भाजपा यूट्यूब वीडियो।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते हुए जितिन प्रसाद। फोटो स्रोत: भाजपा यूट्यूब वीडियो।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस का हाथ छोड़कर जाने वालों में एक और नाम जुड़ गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और युवा कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। प्रसाद ने ऐसे समय में कांग्रेस का साथ छोड़ा है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा को लेकर पार्टियां तैयारी में जुटी हैं।

जितिन प्रसाद ने भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भाजपा सांसद अनिल बलूनी की उपस्थिति में सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर सांसद बलूनी ने प्रसाद का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वे भाजपा की नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रभावित हैं, इसलिए भाजपा परिवार में शामिल हुए हैं।

बता दें कि इससे पहले प्रसाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर चुके हैं। वे कांग्रेस में उन नेताओं के समूह का हिस्सा रहे हैं जिन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर सक्रिय नेतृत्व और संगठनात्मक चुनाव की मांग की थी। इसके बाद लखीमपुर खीरी की जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रस्ताव तक पारित कर दिया था।

जितिन प्रसाद साल 2004 में शाहजहांपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर तत्कालीन संप्रग सरकार में इस्पात राज्यमंत्री रह चुके हैं। वे 2009 में धौरहरा से लोकसभा पहुंचे और पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस, सड़क परिवहन और राजमार्ग और मानव, संसाधन विकास राज्यमंत्री बने। उनका नाम उप्र के प्रमुख ब्राह्मण नेताओं में शामिल किया जाता है।

जितिन प्रसाद के पिता जितेंद्र प्रसाद भी कांग्रेस नेता रहे हैं। प्रसाद की 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के दौरान शिकस्त हुई। वे तिलहर से विधानसभा चुनाव हारे। वे 2019 का लोकसभा चुनाव भी धौरहरा से हार चुके हैं। उनके कांग्रेस छोड़कर जाने को इस पार्टी के लिए बड़े झटके के तौर माना जा रहा है।