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सिद्धू स्थिर व्यक्ति नहीं है, सीमावर्ती राज्य पंजाब के लिए वह उपयुक्त नहीं है: अमरिंदर सिंह
'मैंने आपसे कहा था ... वह स्थिर व्यक्ति नहीं है और सीमावर्ती राज्य पंजाब के लिए वह उपयुक्त नहीं है'
 
मीडिया की कुछ खबरों में दावा किया गया कि सिंह दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ नेताओं से मिल सकते हैं, जिसके बाद अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने उनकी यात्रा को लेकर स्पष्टीकरण दिया।

नई दिल्ली/भाषा। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद मंगलवार को पार्टी नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही बता दिया था कि सिद्धू स्थिर व्यक्ति नहीं हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, 'मैंने आपसे कहा था ... वह स्थिर व्यक्ति नहीं है और सीमावर्ती राज्य पंजाब के लिए वह उपयुक्त नहीं है।' उल्लेखनीय है कि सिद्धू ने मंगलवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया और कहा कि वह पंजाब को लेकर समझौता नहीं कर सकते। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस के लिए काम करते रहेंगे।

इस्तीफे के बाद पहली बार जाएंगे दिल्ली
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के कुछ दिन बाद अमरिंदर सिंह भविष्य की अपनी रणनीति को लेकर लग रही अटकलों के बीच मंगलवार को दिल्ली जाएंगे।

सिंह द्वारा 18 सितंबर को इस्तीफा देने के बाद राष्ट्रीय राजधानी का यह पहला दौरा होगा। मीडिया की कुछ खबरों में दावा किया गया कि सिंह दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ नेताओं से मिल सकते हैं, जिसके बाद अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने उनकी यात्रा को लेकर स्पष्टीकरण दिया।

ठुकराल ने मंगलवार को कहा कि सिंह निजी दौरे पर जाएंगे। ठुकराल ने ट्वीट किया, ‘कैप्टन अमरिंदर के दिल्ली दौरे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। वह निजी दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान वह अपने कुछ दोस्तों से मिलेंगे और नए मुख्यमंत्री के लिए कपूरथला का आवास छोड़ेंगे। अनावश्यक अटकलों की कोई वजह नहीं है।’

पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ टकराव के बाद अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद अमरिंदर सिंह ने कहा था कि वह ‘अपमानित’ महसूस कर रहे हैं। बाद में सिंह ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी ‘अनुभवहीन’ बताया था।

सिद्धू पर भी निशाना साधते हुए सिंह ने उन्हें ‘राष्ट्र विरोधी’ और ‘खतरनाक’ बताया और कहा था कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में सिद्धू के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारेंगे। सिंह ने संकेत दिया था कि वह अपने राजनीतिक विकल्पों को खुला रख रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि अपने भविष्य के कदमों पर निर्णय लेने से पहले वह अपने दोस्तों से बात करेंगे।