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अर्थव्यवस्था का प्रभावी तंत्र साबित हुआ प्रधानमंत्री का 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र: नकवी
जो देश अनाज के लिए भी विदेशी आयात पर निर्भर करता था, वह खुद पर्याप्त अनाज का उत्पादन ही नहीं कर रहा है बल्कि दुनिया को भी निर्यात कर रहा है
 
पिछले वर्ष कोरोना काल में विश्व की आर्थिक तंगी के संकट के समय भी स्वदेशी उत्पादनों ने भारतीय जरूरतों और अर्थव्यवस्था के लिए 'सुरक्षा कवच' का काम किया

नई दिल्ली/भाषा। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र देश की अर्थव्यवस्था और स्वदेशी से स्वावलम्बन का प्रभावी तंत्र साबित हुआ है।

नकवी ने ‘भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला’ (आईआईटीएफ) में आयोजित 'हुनर हाट' के उद्घाटन के अवसर पर कहा, प्रधानमंत्री मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'स्वदेशी' के आह्वान से हैंडलूम-हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में भारत की पुश्तैनी विरासत को प्रोत्साहन मिला और 'हुनर हाट' के जरिये दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों ने 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को शक्ति दी है। 

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोरोना काल में विश्व की आर्थिक तंगी के संकट के समय भी स्वदेशी उत्पादनों ने भारतीय जरूरतों और अर्थव्यवस्था के लिए 'सुरक्षा कवच' का काम किया।

उन्होंने जोर देकर कहा, जो देश अनाज के लिए भी विदेशी आयात पर निर्भर करता था वह देश खुद पर्याप्त अनाज का उत्पादन ही नहीं कर रहा है बल्कि दुनिया को भी निर्यात कर रहा है। यह देश के अन्नदाताओं की मेहनत और मोदी सरकार के 'आत्मनिर्भर कृषि एवं कृषक' के प्रभावी उपायों का नतीजा है।

व्यापार मेला में 14 से 27 नवंबर तक आयोजित हुनर हाट, देश भर में आयोजित किये जा रहे हुनर हाटों की शृंखला का 33वां है। इसमें 30 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 550 से ज्यादा दस्तकार, शिल्पकार, कारीगर शामिल हुए हैं।

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