गणतंत्र दिवस हिंसा: लाल किले में पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोपी समेत दो गिरफ्तार

फोटो स्रोत: PixaBay
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नई दिल्ली/भाषा। दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हुई हिंसा के संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें 21 साल का एक युवक भी शामिल है जिसने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर भाले से हमला किया था।

पुलिस ने बुधवार को बताया कि इसके साथ ही लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने कहा कि मामले की छानबीन कर रहे अपराध शाखा इकाई के विभिन्न दल, दिल्ली और पंजाब में कई स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल मनिंदरजीत सिंह (23) और खेमप्रीत सिंह (21) को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर के एक गांव का निवासी मनिंदरजीत सिंह एक डच नागरिक है और ब्रिटेन के बर्मिंघम में रहता है।

उन्होंने बताया कि आरोपी फर्जी दस्तावेज बनाकर और अपना नाम जरमनजीत सिंह बताकर भारत से भागने की फिराक में था जब उसे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने कहा कि आरोपी पहले दिल्ली से नेपाल जाने वाला था और फिर वहां से ब्रिटेन भागने के चक्कर में था। उन्होंने कहा कि आरोपी के विरुद्ध पुलिस द्वारा लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था और वह इससे पहले भी दो आपराधिक मामलों में शामिल था।

खेमप्रीत सिंह नामक एक अन्य आरोपी दिल्ली के स्वरूप नगर का रहने वाला है और पुलिस के अनुसार, उसने लाल किले के भीतर ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी पर भाले से हमला किया था।

पुलिस उपायुक्त (अपराध) मोनिका भारद्वाज ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से यह साबित हुआ कि मनिंदरजीत सिंह लाल किले के भीतर मौजूद था। उन्होंने कहा कि वीडियो फुटेज में आरोपी को 26 जनवरी को दंगाई भीड़ के साथ लाल किले में देखा गया और उसके पास भाला था।

डीसीपी ने कहा, ‘जांच के दौरान, एक इलेक्ट्रॉनिक नक्शा बनाया गया जिससे पता चला कि आरोपी ने घटना के दिन लाल किले तक पहुंचने के लिए कौन सा संभावित रास्ता अपनाया। इससे ज्ञात हुआ कि भीड़ के साथ मनिंदरजीत सिंघू बॉर्डर, संजय गांधी ट्रासंपोर्ट नगर, बुराड़ी, मजनू का टीला होते हुए लाल किले तक पहुंचा।’

डीसीपी ने कहा, ‘इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से यह तथ्य उजागर हुआ कि वह कई दिन सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर गया था और उसने लाल किले पर हुई हिंसा में सक्रिय भूमिका निभाई।’

अधिकारी ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध वीडियो के विश्लेषण के दौरान पता चला कि खेमप्रीत सिंह ने हाथ में भाला लिया था और उसने अपने साथियों के साथ लाल किले के भीतर तैनात एक पुलिसकर्मी पर हमला किया।

डीसीपी भारद्वाज ने कहा, ‘तकनीकी सर्विलांस की सहायता से खेमप्रीत के छिपने के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। स्थानीय मुखबिरों को भी इन ठिकानों के आसपास तैनात किया गया और मंगलवार को पश्चिमी दिल्ली के ख्याला में उसके होने की सूचना मिली जहां वह अपने एक रिश्तेदार के यहां रह रहा था। छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।’

डीसीपी ने कहा कि पूछताछ के दौरान खेमप्रीत सिंह ने खुलासा किया कि 26 जनवरी को वह अपने साथियों के साथ संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से भीड़ में शामिल हुआ और बुराड़ी तथा छत्ता रेल पर अवरोधकों को तोड़ते हुए अंततः लाल किला पहुंचा।

पुलिस ने बताया कि मनिंदरजीत सिंह अपने परिवार के साथ बर्मिंघम में रहता है और वहां मजदूरी करता है। उन्होंने कहा कि मनिंदरजीत दिसंबर 2019 में भारत आया था और लॉकडाउन के कारण वापस नहीं जा पाया। उसे अदालत के सामने पेश किया गया जिसने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, खेमप्रीत सिंह अपने परिवार के साथ स्वरूप नगर में रहता है और उसे बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेमप्रीत, मनिंदरजीत का नजदीकी साथी है।