मोदी विरोध की हड़बड़ी में ट्वीट से थरूर की किरकिरी, मांगनी पड़ी माफी

फोटो स्रोत: शशि थरूर फेसबुक पेज।
फोटो स्रोत: शशि थरूर फेसबुक पेज।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। अक्सर कांग्रेस के नेता जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध का कोई मौका देखते हैं तो तुरंत मैदान में कूद पड़ते हैं। वे विपक्ष में हैं और उन्हें इस बात का पूरा अधिकार है कि सरकार व प्रधानमंत्री की आलोचना करें।

लेकिन बड़े-बुजुर्ग फरमा गए हैं कि बोलने से पहले कुछ सोच लेना चाहिए। आज कांग्रेस के नेताओं को भी इस नसीहत पर अमल करने की जरूरत है। अभी मोदी बांग्लादेश दौरे पर हैं। वहां उन्होंने अपने भाषण में बताया कि जब बांग्लादेश अपनी स्वतंत्रता के लिए संग्राम लड़ रहा था, तो इधर नरेंद्र मोदी जो उन दिनों युवा थे, ने इसके सम​र्थन में सत्याग्रह किया था।

जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने मीडिया में यह सब देखा तो आव देखा न ताव और तुरंत अखाड़े में कूद पड़े। मोदी पर तंज कसा और इशारों ही इशारों में यह बताने की कोशिश की कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में यह लड़ाई लड़ी गई, लिहाजा मोदी को उन्हें श्रेय देना चाहिए।

थरूर ने लगे हाथ ट्वीट कर दिया, लेकिन जब पता चला कि मोदी ने इंदिरा गांधी की भूमिका का उल्लेख किया है तो भारी किरकिरी हुई। अब तक सोशल मीडिया में यूजर्स उन्हें आड़े हाथों लेने लगे और समझाने लगे कि इतनी जल्दबाजी अच्छी बात नहीं है। चौतरफा घिरते देख थरूर ने दूसरा ट्वीट कर खुद को ‘विनम्र’ बताने की कोशिश की। उन्होंने कहा, जब मैं गलत होता हूं तो इसे स्वीकार करने में मुझे बुरा नहीं लगता है। सॉरी!