चेन्नई। राज्यपाल सीएच विद्यासागर राव ने रविवार को अंगदान दिवस पर तमिलनाडु प्रत्यारोपण प्राधिकरण द्वारा राजभवन के दरबार कक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अंग प्रत्यारोपण उन लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है जो इसके इंतजार में होते हैं। उन्होंने कहा कि आप में से कुछ लोग अंग प्रत्यारोपण से लाभान्वित हुए होंगे और अब आपकी बार है कि आप उन परिवारों के प्रति सम्मान जाहिर करें जो अंगदान के लिए आगे आए हैं। वह ऐसे परिवार हैं जो अपनी दु:ख की घ़डी में भी दूसरे लोगों को नया जीवन देने के लिए सामने आए हैं और इसके लिए वह धन्यवाद के पात्र हैं।ृैंख् झ्श्नह्वद्भय्द्यह्झ्ह्लय् द्बष्ठ्र त्रद्भ ·र्ैंद्यद्मर्‍ ब्स् ध्ैंद्धर्‍ ख्ररूद्यर्‍राज्यपाल ने कहा कि आज हम देखते हैं अंग प्रत्यारोपण में लाखों रुपए खर्च होते हैं ऐसे में अंग प्रत्यारोपण को सामान्य लोगों के लिए सुलभ बनाने के लिए हमें अभी काफी दूरी तय करनी होगी। उन्होंने कहा कि हालांकि चिकित्सा क्षेत्र से जु़डे चिकित्सकों, पेशेवरों और सरकार की ओर से अंग प्रत्यारोपण को आसान बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसी भी व्यक्ति के नि्क्रिरय शरीर से प्राप्त अंगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए बनाए जाने वाले ग्रीन कोरीडोर की मदद से इन अंगों को काफी कम समय में इसके जरुरतमंद मरीजों तक पहुंचा दिया जाता है। यह हमारी उपलब्धि है लेकिन हमें इन अंगों को संरक्षित कर रखने के लिए बेहतर ढांचागत सुविधाएं विकसित करने की जरुरत है।फ्द्य·र्ैंय्द्य ृैंख् झ्श्नह्वद्भय्द्यह्झ्ह्लय् ·र्ैंद्यप्य्द्मष्ठ द्बष्ठ्र ·र्ैंद्य द्यब्र्‍ ब्स् द्बख्रख्रइस अवसर पर उपस्थित राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सी विजयभाष्कर ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में एक अग्रणी राज्य बना है और अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में भी इसने उत्कृष्ट कार्य देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण के जरुरतमंद आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए सरकार की ओर से कदम उठाया जा रहा है और सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों द्वारा अंग प्रत्यारोपित करने की सर्जरी नि:शुल्क की जा रही है। इसके साथ ही सरकार निजी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपित करवाने वाले कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले मरीजों को विभिन्न योजनाओं के तहत ३५ लाख रुपए तक की मदद उपलब्ध करवाती है।द्यय्ःद्भ ृैंख् झ्श्नह्वद्भय्द्यह्झ्ह्लय् ·र्ष्ठैं ूय्ष्ठख़य् द्बष्ठ्र ृख्श्नह्लय्र्‍स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में अंग प्रत्यारोपण के लिए जो प्रोटोकॉल और प्रक्रिया तैयार की गई है उसके कारण ही इसने देश के अन्य राज्यों को इस क्षेत्र में पीछे छो़डते हुए सर्वाधिक अंग प्रत्यारोपित करने वाला राज्य बनने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार अंगदान के लिए लोगों को जागरुक करने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों तथा निजी अस्पतालों के चिकित्सकों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय के साथ लोगों को अंगदान करने के लिए जागरुक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का परिणाम ही है कि पिछले वर्ष राज्य में ३००० से अधिक अंगों को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया और इस वर्ष अब तक १८३४ अंगों को प्रत्यारोपण किया जा चुका है।र्ींु ृख्डत्र फ्ष्ठ प्रय्रुर्ङैं ब्ह्ख्य् ज्य्र्ख्ङैं·र्ैंत्रय् ·र्ैंय्द्भश्च·र्श्नैंद्बविजय भाष्कर ने कहा कि सरकार अब दूसरी श्रेणी के शहरों में भी लोगों को अंगदान के लिए जागरुक करने के लिए अभियान शुरु करेगी। उन्होंने बताया कि १३ अगस्त से २७ नवम्बर तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में अंगदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा जहां पर अपने अंगों को दान कर किसी की जान बचाने का इच्छुक कोई भी व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद अपने अंगों को दान करने की प्रतिज्ञा ले सकता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने तमिलनाडु अंग प्रत्यारोपण प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव जे राधाकृष्णन, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक जगदीश प्रसाद और अंग प्रत्यारोपण प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ पी बालाजी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।