हैदराबाद (अमरावती)। उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने बलात्कार के एक मामले में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी ठहराये जाने के बाद पंजाब और हरियाणा में ब़डे पैमाने पर भ़डकी हिंसा को अस्वीकार्य बताते हुए शनिवार को इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग धर्म, भाषा और क्षेत्र के नाम पर हिंसा भ़डका रहे हैं और भेदभाव तथा असमानताओं से देश को छुटकारा दिलाना चुनौती बनी हुई है। नायडू ने हरियाणा में ब़डे पैमाने पर हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग जाति,धर्म,भाषा और क्षेत्र के नाम पर हिंसा भ़डका रहे हैं। वे हिंसा की गतिविधियों में शामिल होने के लिए लोगों को उकसा रहे है। लोकतंत्र में इस तरह की कार्रवाअी स्वीकार्य नहीं है। हरियाणा में भ़डकी हिंसा में ३२ से अधिक लोगों की मौत हुई है। पंचकूला में सीबीआई की एक अदालत द्वारा राम रहीम को दोषी ठहराये जाने के बाद पंजाब के कुछ हिस्सों में भी हिंसा और आगजनी की घटनाएं देखी गई। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा शनिवार दोपहर को यहां आयोजित एक नागरिक अभिनंदन समारोह में नायडू ने कहा कि एक स्वतंत्र भारत,महान भारत, एक सांस्कृतिक भारत जिसकी महान विरासत रही है, इसमें यदि सामाजिक भेदभाव जारी रहता है तो यह हर किसी के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि हमें इस तरह के सामाजिक भेदभाव और सामाजिक असमानताओं से भारत को छुटकारा दिलाना होगा। यह हमारे लिए एक चुनौती है। नायडू ने कहा कि भारत तभी एक विकसित राष्ट्र बन सकता है जब यहां से भुखमरी, निरक्षरता, भ्रष्टाचार और असमानताओं का खात्मा किया जाएगा। राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन, मुख्यमंत्री एन चन्द्रबाबू नायडू,नागरिक उड्डयन मंत्री पी अशोक गजपति राजू, राज्य के मंत्री वाई एस चौधरी और विधानसभा अध्यक्ष कोदेला शिवप्रसाद राव भी समारोह में मौजूद थे।