जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने शुक्रवार को प्रातः राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में जीवनवाहिनी इंटीग्रेटेड एम्बुलेंस योजना का सुदृ़ढीकरण करने के लिए जो़डी जा रही नई एम्बुलेंस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। बे़डे में कुल १०० नई एम्बुलेंस जो़डी जा रही है। शुक्रवार को प्रथम चरण में ३४ वाहनों को ऑनरो़ड किया गया व शेष ६६ वाहनों को आगामी एक माह में ही ऑनरो़ड कर दिया जाएगा। सराफ ने विश्वास व्यक्त किया कि इन नई एम्बुलेंस के जु़डने से एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की सुविधाओं में और सुधार होगा और जरूरतमंदों को समय पर एम्बुलेंस मिल सकेगी। इस समय एम्बुलेंस के लिए सूचना प्राप्त होने पर शहरी क्षेत्रों में औसतन २२ मिनट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन २५ मिनट में एम्बुलेंस पहुंचाई जा रही है।चिकित्सा मंत्री ने कहा कि स़डक दुर्घटनाओं में पीि़डत व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में चिकित्सा सुविधा मिलना आवश्यक है। इसी प्रकार प्रसूता महिलाओं तथा बीमार नवजात बच्चों को समय पर चिकित्सा संस्थान पर पहुंचाने हेतु त्वरित एम्बुलेंस सेवा आवश्यक है। उन्होंने बताया कि टोल फ्री नम्बर १०८ अथवा १०४ नंबर डायल कर इन्टीग्रेटेड एम्बुलेंस योजना के तहत एम्बुलेंस की सेवाएं प्राप्त की जा सकती है। सराफ ने बताया कि इंटीग्रेटेड एम्बुलेंस योजना में इस समय कुल १४२५ एम्बुलेेंस संचालित की जा रही है। इनमें १०८ एम्बुलेंस के ६४७, १०४ जननी एक्सपे्रस के ५८६ व बेस एम्बुलेंस के १९२ वाहन शामिल है। इनके अतिरिक्त १०८ एम्बुलेंस के ७९ वाहन नकारा घोषित किए जा चुके थे एवं २१ वाहन भी सेवा योग्य नहीं होने के कारण नकारा घोषित होने की प्रक्रिया में है। अब इनके स्थान पर १०० नई एम्बुलेंस जो़डी जा रही है। फ्य्त्र ॅद्धरुध्ष्ठ्रफ्·र्ैंद्बर्‍श्च झ्रुद्यड·र्ल्ैंत्रचिकित्सा मंत्री ने इस अवसर पर अच्छी सेवाएं प्रदान करने के लिए सात एम्बुलेंसकर्मियों को प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें मंयक जयसवाल, उदयसिंह, मोहम्मद शफीक, साजिद खान, विनोद मालव, मोइनुद्दीन व कुशाल योगी शामिल है।इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वीनू गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. वी.के. माथुर, परियोजना निदेशक एनएचएम अंजू राजपाल सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।