बेंगलूरु। केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने सोमवार को कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र की एनडीए सरकार वर्ष-२०२२ तक देश में कृषि उत्पादन को दोगुना करने और हर साल देश में होने वाले बा़ढ को रोकने के लिए देश की नदियों को आपस में जो़डने के बारे में गंभीर है। वर्ष-२०२२ तक कृषि उत्पादन और किसानों की आय दोगुना करने के लिए आवश्यक सुधारों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार नदियों को जो़डने की परियोजना पर काम कर रही है। १० लाख करो़ड रुपए की अनुमानित लागत पर उत्तर, दक्षिण, पश्चिम और पूरब की कम से कम ३२ नदियों को जो़डने की योजना है। उन्होंने कहा कि जब देश भर में नदियों को एक साथ जो़डा जाएगा तब यह लगभग ८ करो़ड हेक्टेयर जमीन की सिंचाई करने में मदद करेगी और इससे बा़ढ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी जो अक्सर देश के पूर्वी और उत्तरी राज्यों में गंभीर स्थिति पैदा कर देते हैं। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में राजस्थान और मध्यप्रदेश ने नर्मदा एवं केम बेतवा नदियों को जो़डने का काम शुरु किया है। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर भारत की नदियों में दक्षिण भारतीय नदियों से जो़डा जाता है तो कम से कम ५,००० टीएमसीटी पानी देश के निचले हिस्सों को मिलेगा। केएलई कृषि विद्या केन्द्र द्वारा आयोजित कृषक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अनंत कुमार ने कहा कि सस्ती दर पर दवाइयां उपलब्ध कराने के एक हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री जनशक्ति केंद्र के २५ जेनेरिक दवाओं के आउटलेट बेलगावी जिले में स्थापित होंगे जिनमें अधिकांश सरकार द्वारा संचालित तालुक अस्पतालों में स्थापित की जाएंगी। मंत्री ने सहकारी क्षेत्र से कहा कि केंद्र सरकार प्रायोजित जेनेरिक दवा दुकानों की स्थापना के लिए ऐसे क्षेत्र आगे आएं जिससे आम नागरिकों को उचित दर पर दवाइयां प्रदान होंगी।