पटना। भागलपुर जिला में एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा ८७०.८८ करो़ड रुपए की सरकारी राशि के गबन मामले पर विपक्षी दल राजद के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को बिहार विधानमंडल में दोनों सदनों में हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राजद के आरोपों को खारिज करते हुए उसे अपने ऊपर ठोस सबूत के आधार पर आरोप लगाने की चुनौती दी।्यप्झ्ूय् द्मष्ठ द्मर्‍त्रर्‍प्रय्-फ्रुप्रय्र्‍ध् फ्ष्ठ ंडत्रर्‍ड्डर्ष्ठैं ·र्ैंर्‍ द्बय्ैंख् ·र्ैंर्‍बिहार विधानसभा की मंगलवार की कार्यवाही शुरू होने पर पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने इसको लेकर लाए गए अपने कार्यस्थगन प्रस्ताव की ओर सदन के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि आसन से इस पर सबसे पहले बहस कराने का आग्रह किया पर चौधरी द्वारा सदन नियामवली का हवाला देते हुए उसे उचित समय पर उठाए जाने को कहा। आसन द्वारा सिद्दीकी के आग्रह को अस्वीकृत कर दिए जाने पर राजद सदस्य सदन के बीचोंबीच आकर सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए जिस स्वयंसेवी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सत्ता पक्ष से जु़डे लोगों के भाग लेने को लेकर तस्वीरें लहराते दिखे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाढ प्रभावित इलाके अररिया के सर्वेक्षण पर जाने के कारण वे उस समय सदन में मौजूद नहीं थे। बिहार विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जब राजद सदस्यों को समझाने और उन्हें सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने का सभी प्रयास विफल साबित होने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दो बजे भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी।राजद कार्यकर्ता जहां सदन के बीच में आकर हंगामा कर रहे थे, वहीं उसकी सहयोगी कांग्रेस के सदस्य अपनी अपनी सीट पर बैठे रहे जबकि भागलपुर निवासी और सदन में इस दल के विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने भी इस गबन को लेकर अलग से एक कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया था।द्यय्द्धठ्ठणक्कर्‍ ख्रष्ठप्र्‍ द्मष्ठ द्मर्‍त्रर्‍प्रय्-फ्रुप्रय्र्‍ध् फ्ष्ठ ंडत्रर्‍र्ड्डैंय् द्बय्ैंख्य्सदन के बाहर बिहार विधान परिषद में राजद विधायक दल की नेता राब़डी देवी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस गबन मामले की जांच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के पद पर बने रहते निष्पक्ष ढंग से नहीं हो सकती, इसलिए पहले उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।फ्रुप्रय्र्‍ध् द्बह्ख्रर्‍ द्मष्ठ ृय्द्यह्झ् ·र्ैंह् क्वय्यद्यज् ्य·र्ैंद्भय्उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने विपक्ष के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत करना चाहिए, फोटो के आधार पर किसी को कसूरवार नहीं ठहराया जा सकता है। बिहार विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुशील ने कहा कि अगर फोटो के आधार पर किसी को सजा होती तो लालू प्रसाद को सौ साल जेल में बिताना प़डता क्योंकि बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन सहित कई अन्य घोटालेबाजों के साथ उनकी तस्वीरें अखबारों में छपी है।घ्य्द्यय् च्चय्ह्ट्टय्ध्य् ·र्ैंर्‍ त्ररुध्द्मय् द्मब्र्‍्र ·र्ैंर्‍ ज्य् फ्·र्ैंत्रर्‍ दृ फ्रुप्रय्र्‍ध्राजद द्वारा इस घोटाले को चारा घोटाला से ब़डा बताए जाने के बारे में पूछे जाने पर सुशील ने कहा कि दोनों की तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि चारा घोटाला के मुख्य आरोपी एसबी सिन्हा की सेवा अवधि तत्कालीन राजद सरकार द्वारा कई बार बढाई गई थी, जो कि उस समय लालू की एक पुत्री के रांची में अध्ययन के दौरान उसके स्थानीय अभिभावक रहे थे। बिहार विधानसभा में मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सदस्यों के सृजन घोटाले को लेकर मंगलवार को जारी भारी शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच चार संशोधन विधेयक पारित हुए।विधानसभा में भोजनावकाश के बाद कार्यवाही शुरू होते ही राजद सदस्य ’’सृजन घोटाले की सरकार नहीं चलेगी’’ और ’’नीतीश-मोदी इस्तीफा दो’’ के नारे लगाते हुए सदन के बीच में आ गए और जमकर शोरगुल करने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने विपक्षी सदस्यों से अपनी-अपनी सीट पर जाने का आग्रह किया लेकिन वे नहीं माने और नारेबाजी करते रहे।शोरगुल के बीच ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रभारी मंत्री राम नारायण मंडल ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) विधेयक २०१७, बिहार काश्तकारी (संशोधन) विधेयक २०१७ और बिहार भूमि दाखिल खारिज (संशोधन) विधेयक २०१७ को सदन की स्वीकृति के लिए पेश किया।इसके बाद ये विधेयक पारित हो गए। इसके बाद पंचायती राज विभाग के प्रभारी मंत्री कपिलदेव कामत ने बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक २०१७ को सदन में पेश किया, जिसे भी पारित कर दिया गया।