नई दिल्ली। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को और अधिक ब़ढाने के उद्देश्य से सरकार इनक्रेडिबल इंडिया-२ (अतुल्य भारत-२) की नीति जल्द जारी करने वाली है और दो महीने के अंदर एक वेबसाइट भी जारी की जाएगी जिसमें देश और विदेश में सभी पर्यटन स्थलों की पूरी जानकारी होगी। इस बारे में सोमवार को लोकसभा में जानकारी दी गई।केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि विश्व आर्थिक फोरम में पर्यटन के मामले में भारत पिछले तीन वर्ष में ६५वें स्थान से ४०वें स्थान पर आ गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए संकल्पित है।शर्मा ने प्रहलाद पटेल के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि भारत सरकार जल्द अतुल्य भारत-२ की नीति को जारी करने वाली है। उन्होंने बताया कि एक्सपीडिया, मेक माई ट्रिप जैसी निजी कंपनियां पर्यटन सुविधाओं में ४० प्रतिशत हिस्सेदार हैं और सरकार इन कंपनियों के साथ साझेदारी कर पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। हालांकि देश में प्रौद्योगिकी संचालित सेवा-सत्कार प्रदाताओं के साथ राजस्व साझेदारी के समझौते के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय की इस संबंध में कोई योजना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इन निजी कंपनियों के साथ साझेदारी के बाद राजस्व बंटवारे पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।मंत्री ने कहा, सरकार दो महीने में एक वेबसाइट लेकर आएगी जिसमें देश और विदेश में समस्त पर्यटन स्थलों की पूरी जानकारी होगी और पर्यटकों को इससे काफी सुविधा मिलेगी। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने फरवरी में संसद में अपने बजट भाषण में देश में राज्यों के साथ साझेदारी में पांच विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना के साथ अतुल्य भारत-२ अभियान की शुरुआत की घोषणा की थी। अतुल्य भारत अभियान देश में पर्यटन को ब़ढाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। शर्मा ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में यह भी बताया कि जिस तरह सरकार पांच सितारा होटलों और टूर संचालकों को चिह्नित करती है, उसी तरह होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट नीति को भी सरकार मान्यता दे रही है और इसको आगे ब़ढा रही है जिसके तहत पर्यटन स्थलों पर आने वाले मुसाफिरों के लिए लोगों के घरों आदि में भी ठहरने के लिए कमरों की व्यवस्था होगी। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकारें और सांसद भी इस तरह के विषयों पर और अपने अपने क्षेत्रों में नए पर्यटन सर्किट की संभावनाओं पर सुझाव दे सकते हैं, जिन पर सरकार तुरंत अध्ययन कराके आवश्यक कार्रवाई करेगी।पर्यटन क्षेत्र पर जीएसटी के प्रभाव के संबंध में केसी वेणुगोपाल के एक प्रश्न के उत्तर में शर्मा ने कहा कि इस प्रभाव का आकलन करने के लिहाज से अभी बहुत कम समय हुआ है लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि जीएसटी से इस क्षेत्र पर कोई नकारात्मक असर नहीं प़डेगा।