भागलपुर/पटना। बिहार के भागलपुर जिला में एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा करो़डों रुपए की सरकारी राशि के कथित गबन के एक मुख्य आरोपी की रविवार देर रात हुई मौत के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि वर्षों से जारी यह ब़डा घपला जिसकी जानकारी नहीं हो पाई थी, यह आंख खोलने वाला है और इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।भागलपुर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्वयंसेवी संस्था सृजन महिला सहयोग समिति द्वारा किए गए इस ९५० करो़ड रुपए के गबन के मुख्य आरोपियों में से एक और वहां की कैम्प जेल में बंद कल्याण विभाग के नाजिर महेश मंडल (५७) की बीते देर रात्रि जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने महेश की मौत की पुष्टि करते बताया कि वह पूर्व से ही वे रोगग्रस्त थे। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। गत १५ अगस्त को गिरफ्तार मंडल को का किडनी खराब थी और वे डायलिसिस पर थे। रविवार देर रात को मंडल की तबियत खराब होने पर उन्हें भागलपुर कैंप जेल से उपचार के लिए जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। मंडल के परिजनों ने उनका समय पर डायलिसिस नहीं कराए जाने को एक साजिश बताया है।त्रष्ठज्डप्र्‍ द्भय्ख्रप् द्मष्ठ ·र्ैंब्य्, झ्रद्भय्झ्द्बैं फ्ष्ठ द्नर्‍ झ्रद्भय्झ्·र्ैंबिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंडल की मौत के मामले को उठाते हुए इसको लेकर राज्य सरकार पर सोमवार को हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनकी हत्या घोटाले की सच्चाई को दबाने के लिए सरकार में शामिल लोगों द्वारा किया गया। बिहार विधानसभा परिसर में अपने ब़डे भाई और पूर्व मंत्री तेजप्रताप के साथ पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी ने इस घोटाले को मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाला से भी ब़डा बताया। बिहार विधान परिषद सदस्य और तेजस्वी की मां राबडी देवी ने आरोप लगाया कि २००५ से ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री और सुशील कुमार मोदी उपमुख्यमंत्री थे। उन्होंने सृजन घोटाला नीतीश और सुशील की देखरेख में होने तथा इनके द्वारा जानबूझकर कराएं जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी जानकारी इन लोगों को पहले से ही थी। र्ङ्गय्त्रद्ब ़द्भय्द्भय्ध्द्भ ·र्ैंर्‍ ्यद्मख्द्यय्द्मर्‍ द्बष्ठ्र ब्ह्द्मर्‍ घ्य्यब्ॅ ज्य्ैंघ् दृ द्यय्द्धठ्ठणक्कर्‍बिहार विधान परिषद के बाहर राब़डी ने इस मामले में आरोपी मंडल की मौत की ओर इशारा करते हुए कहा, नीतीश और सुशील को शर्म आनी चाहिए। व्यापमं घोटाला जो हुआ था उससे भी बढकर यह ब़डा घोटला है। जनता इन्हें माफ नहीं करेगी। भागलपुर के तर्ज पर प्रदेश के हर जिलों में भी घोटाला होने का दावा करते हुए राब़डी ने कहा कि हम लोगों की मांग है कि जब तक नीतीश और सुशील अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक इसकी निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है? इसकी जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की अनुशंसा कर चुके हैं।