logo
सिर्फ सुई चुभोई, दवा दी ही नहीं; जांच के बाद बर्खास्त हुई एएनएम निहा खान
 
सिर्फ सुई चुभोई, दवा दी ही नहीं; जांच के बाद बर्खास्त हुई एएनएम निहा खान
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

लखनऊ/दक्षिण भारत। इस समय भारत कोरोना महामारी से युद्ध कर रहा है जिसमें डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अग्रिम पंक्ति के योद्धा हैं। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस लड़ाई में ईमानदारी के साथ योगदान न देकर अपने पेशे और मानवता को शर्मसार कर रहे हैं।

ऐसा ही एक मामला अलीगढ़ में आया है। यहां एक एएनएम पर आरोप है कि उसने जानबूझकर वैक्सीन बर्बाद की। इस तरह उसने न केवल देश को नुकसान पहुंचाया, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ किया।

एक ​रिपोर्ट के अनुसार, नर्स निहा खान टीका लगवाने आए लोगों को सुई तो लगा देती थी लेकिन उनके शरीर में दवा प्रविष्ट नहीं कराती थी। बाद में वह दवा को कचरे में फेंक देती थी। टीकाकरण कराने आया व्यक्ति सोचता था कि उसने वैक्सीन ले ली, लिहाजा उसे वायरस के खिलाफ सुरक्षा कवच मिल गया, जबकि उसे दवा मिली ही नहीं थी।

​मामला जिला प्रशासन के पास पहुंचा तो उसकी जांच कराई गई। इस दौरान जांच अधिकारियों ने निहा खान को दोषी माना और तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया। मामले को लेकर 25 मई को निहा खान ने नोटिस के संबंध में अपना बयान दर्ज कराया था।

जिला प्रशासन ने निहा खान के व्यवहार पर कड़ी टिप्पणी की है। उसने कहा कि निहा ने कोरोना महामारी के दौरान अपने कर्तव्य में ईमानदारी नहीं दिखाई और कदाचार व अनुशासनहीनता बरती। इसके बाद एएनएम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। उसके खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की गई है।

बता दें कि उक्त स्वास्थ्यकर्मी का मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। इस पर बड़ी संख्या में लोग आश्चर्य जता रहे हैं। साथ ही उन लोगों की पहचान किए जाने की मांग की जा रही है जिन्हें इस एएनएम ने वैक्सीन लगाने का ‘नाटक’ किया है। उन्हें दोबारा वैक्सीन लगाई जाए कि ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षित हो।