इंदौर/भाषा। कोरोना वायरस संक्रमण के एक स्थानीय मरीज के संपर्क में आए लोगों को ढूंढ़ने गए स्वास्थ्य कर्मियों के दल पर पथराव की बहुचर्चित घटना में पुलिस ने शुक्रवार को छह लोगों को हिरासत में लिया। छत्रीपुरा पुलिस थाने के प्रभारी करणी सिंह शक्तावत ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों पर पथराव के मामले की जांच में मिले सुरागों के आधार पर छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है।

शक्तावत ने बताया कि पुलिस ने बृहस्पतिवार को इस मामले में सात अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। जिला प्रशासन ने इनमें से चार लोगों- मोहम्मद मुस्तफा (28), मोहम्मद गुलरेज (32), शोएब (36) और मजीद (48) को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत रीवा के केंद्रीय जेल भेजने के आदेश दिए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि शहर के टाटपट्टी बाखल इलाके में बुधवार को पथराव की घटना में दो महिला डॉक्टरों के पैरों में चोटें आई थीं। दोनों महिला डॉक्टर कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान चला रहे स्वास्थ्य विभाग के पांच सदस्यीय दल में शामिल थीं। यह दल कोरोना वायरस संक्रमण के एक मरीज के संपर्क में आये लोगों को ढूंढ़ने गया था।

उन्होंने बताया कि पुलिस को सुराग मिले हैं कि स्वास्थ्य कर्मियों पर पथराव की यह घटना सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के बाद असामाजिक तत्वों के उकसावे के चलते सामने आई थी।

इस बीच, अपराध निरोधक शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेश दंडोतिया ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों से भरे भड़काऊ संदेश फैलाने के मामले में चार लोगों पर भारतीय दंड विधान और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के संबद्ध प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। दंडोतिया ने बताया कि इस मामले में आरिफ खान (26) को गिरफ्तार किया गया है। तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।