अलीगढ़/भाषा। पिछले छह दिनों से संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में जीवनगढ़ बायपास पर धरने पर बैठीं सैकड़ों महिलाओं ने बीती रात धार्मिक नेताओं और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में अपना धरना समाप्त कर दिया।

पुलिस ने बताया कि धरना खत्म होने के बाद सड़क से बैरीकेड हटा लिए गए और रिंगरोड से लगे इस रास्ते को आम जनता के लिए खोल दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा, जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में संशोधित नागरिकता काननू का विरोध कर रहे निर्दोष प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी है।

जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने घोषणा की प्रदर्शनकारियों की एक मांग को पहले ही मान लिया गया है जिसमें कहा गया था कि अपरकोट इलाके में पिछले रविवार को हुई हिंसा में गंभीर रूप से घायल युवक को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

हिंसा में घायल हुए तारिक मुनव्वर को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उसे गोली लगी थी। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज में भर्ती तारिक के शरीर का निचला हिस्सा काम नही कर रहा है। उसे मेडिकल कालेज ने निशुल्क चिकित्सा उपचार देने की घोषणा पहले ही कर दी थी।

इस बीच, दिल्ली गेट इलाके के ईदगाह कांप्लेक्स में सैकड़ों महिलाएं अब भी धरने पर बैठी हैं। वे पिछले पांच सप्ताह से नागरिकता कानून के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रही हैं।