प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

नई दिल्ली/भाषा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत में कोविड-19 का टीका अभी परीक्षण के विभिन्न चरणों में है और जैसे ही वैज्ञानिक इसे हरी झंडी देंगे, बड़े पैमाने पर इसके उत्पादन की तैयारी है ताकि कम से कम समय में यह अधिक से अधिक लोगों को उपलब्ध हो सके।

ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से 74वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को संबोधित करते हुए मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि 130 करोड़ देशवासियों की संकल्प शक्ति से भारत कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग जीतेगा।

उन्होंने कहा कि कोरोना का जिक्र आता है, लोगों के दिमाग में सबसे पहले यही सवाल आता है कि कब इसका टीका तैयार होगा। उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिकों की प्रतिभा ऋषि-मुनियों की तरह है और वे इस दिशा में कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैं लोगों को बतलाना चाहता हूं कि हमारे वैज्ञानिकों की प्रतिभा ऋषि-मुनियों जैसी है और वे इस दिशा में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। आज भारत में कोराना के एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन टीके इस समय परीक्षण के चरण में हैं। जैसे ही वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी, देश की तैयारी उन टीकों का बड़े पैमाने पर उत्पादन की भी तैयारी है।’

उन्होंने कहा कि टीका तैयार हो जाने के बाद कम से कम समय में अधिक से अधिक लोगों तक यह पहुंचे यह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन का खाका भी तैयार है। ज्ञात हो कि भारत में तीन टीके मानव नैदानिक जांच के विभिन्न चरणों में है। इनमें से दो का मानव क्लिनिकल जांच पहले और दूसरे चरण में है। इस पर भारत बायोटेक, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर और जाइडस कैडिला लिमिटेड काम कर रहे हैं।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा तैयार तीसरे टीके की दूसरे और तीसरे चरण की मानव नैदानिक जांच की जिम्मेदारी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को दी गई है। कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि देश आज एक विशिष्ट परिस्थिति से गुजर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘कोरोना वायरस के इस असाधारण समय में, सेवा परमो धर्म: की भावना के साथ अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी और अनेक लोग, चौबीसों घंटे लगातार काम कर रहे हैं।’

ऐसे कोरोना योद्धाओं को नमन करते हुए मोदी ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि 130 करोड़ देशवासियों की इच्छा शक्ति व संकल्प शक्ति हमें इसमें भी विजय दिलाएगी और हम विजयी होकर रहेंगे। मुझे विश्वास है।’ प्रधानमंत्री ने कोरोना कालखंड के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने इस अवसर पर उन देशों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने कोरोना संकट के दौरान वहां रह रहे भारतीयों की मदद की।

उन्होंने कहा, ‘कई देशों में बहुत बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। जिस प्रकार इन देशों ने कोरोना संकट के समय भारतीयों की मदद की, भारत सरकार के अनुरोध का सम्मान किया, उसके लिए भारत उनका आभारी है।’