शरद पवार, उद्धव ठाकरे एवं सोनिया गांधी
शरद पवार, उद्धव ठाकरे एवं सोनिया गांधी

औरंगाबाद/भाषा। महाराष्ट्र में सरकार द्वारा कृषि ऋण माफी को लेकर लगाई गईं होर्डिंगों में सिर्फ शिवसेना के नेताओं की तस्वीर होने पर राकांपा और कांग्रेस ने नाखुशी जताई। दोनों दलों का कहना है कि यह गठबंधन का साझा फैसला था, किसी एक पार्टी का नहीं।

इन होर्डिंगों पर मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे तथा उनके पिता बाल ठाकरे की तस्वीरें लगी हैं। ये होर्डिंग पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में लगाई गईं हैं। इन पर कांग्रेस या राकांपा के किसी वरिष्ठ नेता की तस्वीर नहीं है, जबकि दोनों दलों ने शिवसेना के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाई है।

मुख्यमंत्री ठाकरे ने बुधवार को राज्य में पूर्ण कृषि ऋण माफी का आश्वासन दिया। इससे पहले मंगलवार को सरकार ने दो लाख रुपए तक के कृषि ऋण माफ करने की घोषणा की थी। राकांपा के एमएलसी सतीश चव्हाण ने कहा, बेहतर होता अगर उन्होंने (होर्डिंग पर) गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेताओं की तस्वीर भी लगाई होती।

कांग्रेस के शहर अध्यक्ष नामदेवराव पवार ने कहा कि यह गठबंधन सरकार का फैसला था और सिर्फ एक पार्टी की होर्डिंग लगाने का कदम उचित नहीं है। उन्होंने कहा, कृषि ऋण माफी का फैसला सरकार में शामिल सभी गठबंधन सहयोगियों का था। अगर पोस्टर किसी स्थानीय कार्यकर्ता ने लगाए हैं, तो इसे समझा जा सकता है। लेकिन, अगर इन्हें पार्टी पदाधिकारियों ने लगाया है, तो यह नाखुशी वाली बात है।

पवार ने कहा कि उन्हें राकांपा सुप्रीमो शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तस्वीर भी लगानी चाहिए थी।इस बीच शिवसेना के जिला अध्यक्ष और एमएलसी अम्बादास दानवे ने कहा कि होर्डिंग पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ‘भावनाओं में बह कर लगाया है।’ उन्होंने कहा, आगे से हम इसका पूरा ख्याल रखेंगे कि ऐसे पोस्टरों में गठबंधन दलों को भी प्रमुखता से स्थान मिले।