भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। ​भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि बिहार के मतदाता इस बात को जानते हैं कि बिहार को पीछे किसने धकेला और फिर वापस कौन लाया। सच्चाई ये है कि राजग के प्रति, प्रधानमंत्री मोदी के प्रति लोगों का रुझान है। मोदीजी के साथ-साथ नीतीश कुमारजी भी हैं जिन्होंने सुशासन देने का काम किया है।

नड्डा ने कहा कि बिहार में लोगों का स्पष्ट समर्थन प्रधानमंत्री मोदी के कामों को है और उन कामों को सीएम नीतीश कुमार ने जमीन पर उतारा है। बिहार के लोग जागरूक हैं। जहां तक रही बात राजद की तो उनका चाल और चरित्र नहीं बदला है।

नड्डा ने कहा कि जंगलराज में और सुशासन में लोगों को मालूम है कि कौनसी परिस्थिति में हम रह रहे थे और कौनसी परिस्थिति में आज बिहार पहुंचा है। डेवलपमेंट, सोशल इंडिकेटर, सोशल सेक्टर के इंडिकेटर, हेल्थ, शिक्षा, कनेक्टिविटी ये सब बहुत बड़े मुद्दे हैं और बिहार के लोग बहुत जागरूक हैं।

नड्डा ने कहा कि वो सोशल इंजीनियरिंग नहीं करते थे, सोशल इंजीनियरिंग हम लोगों ने की है। हमने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबको लेकर चलने का काम हमने किया है। उन्होंने समाज को बांटा और हमने समाज को जोड़ा। जब आप राजग बोलते हैं तो राजग में समाज के सारे वर्ग हैं, अति पिछड़ा से लेकर दलित, अगड़े सबका समावेश है। उन लोगों ने सबको बांटा। वो कहते हैं ये मेरा है, वो मेरा नहीं है, सोशल डिवीजन किया।

नड्डा ने कहा कि जिस समय भाजपा ने यह बयान दे दिया कि राजग में भाजपा, जनता दल यूनाइटेड, हम पार्टी, वीआईपी पार्टी है और किसी से कोई संबंध नहीं है। जब हमने एलजेपी के बैनर पर खड़े लोगों के खिलाफ एक्शन लिया तो सब कुछ स्पष्ट हो गया कि हमारा चिराग से कोई संबंध नहीं है।

नड्डा ने कहा कि बिहार का चुनाव नीतीश कुमार ने राजद के साथ लड़ा और जीत गए लेकिन राजद का कैरेक्टर कुशासन का रहा है और इनका कैरेक्टर सुशासन का है, इसलिए ये केमेस्ट्री मिलनी नहीं थी। जैसे ही नीतीश कुमार मोदीजी के साथ आए, केमेस्ट्री मिल गई।

नड्डा ने कहा कि पुत्रमोह के मामले में तो मैं कहता हूं कि भाजपा अकेली पार्टी है जहां पार्टी परिवार है। बाकी जगह परिवार ही पार्टी है। हर राज्य की परिस्थिति अलग-अलग होती है। हम बिहार में जूनियर पार्टनर नहीं है, बराबर के पार्टनर हैं। जहां तक लीडरशिप का सवाल है तब उस चेहरे को देखते हैं जिसकी अपनी पहचान है और बिहार में सुशासन की पहचान हैं नीतीश कुमार।

नड्डा ने कहा कि जहां तक महाराष्ट्र का सवाल है, वहां धोखा शिवसेना ने किया, क्योंकि वहां हमने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया था। हमने हर मंच पर जहां उद्धव ठाकरे भी होते थे, वहां फडणवीस को ही मुख्यमंत्री बताया था।

नड्डा ने कहा कि भाजपा नेशनल पार्टी है और नेशनल पार्टी की आकांक्षा बिहार की जनता में भी है। ऐसे में, मैं अगर राम जन्मभूमि का विषय उठाऊं तो क्या बिहार से लोग कारसेवक के तौर पर अयोध्या नहीं गए थे? नड्डा ने कहा कि अनुच्छेद 370 की बात करूं तो क्या एकता यात्रा में बिहार के लोग बड़ी संख्या में लालचौक नहीं गए थे? तो राष्ट्रीय मुद्दे भी उन्हें उतना ही प्रभावित करते हैं और बिहार राष्ट्रीय मुद्दे पर आगे रहा है।

नड्डा ने कहा कि आपने चीन की बात की तो मैं आपको बता दूं कि गलवान घाटी में बिहार रेजिमेंट के लोग ही थे जो शहीद हुए और चीन के खिलाफ वो कितने समर्पित रहे हैं, इसलिए इन मुद्दों को जनता के सामने लाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

नड्डा ने कहा कि कोरोना वैक्सीन को लेकर राजनीतिकरण नहीं किया गया है। इससे पहले सात तरीके से टीके लगते थे। हम मिशन इंद्रधनुष के तहत 12 तरह के टीके लेकर आए, हमने नेशनल कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। नड्डा ने कहा कि बिहार चुनाव के मैनिफेस्टो में हम बिहार की जनता को क्या दे रहे हैं ये हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। हमने इसे मैनिफेस्टो में जोड़ दिया, यहीं नहीं, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी ने भी जोड़ दिया गया है।

नड्डा ने कहा कि मैं तेजस्वी के इस नारे को चैलेंज करता हूं कि 10 लाख सरकारी नौकरी देंगे। हमने कहा कि 19 लाख नौकरियों के अवसर प्रदान करेंगे। एक राज्य के नतीजों का असर दूसरे स्टेट पर पड़ता है, इसमें कोई दोराय नहीं है। लेकिन हर स्टेट का अपना-अपना कंबिनेशन होता है और हर स्टेट की अपनी अपनी परिस्थिति होती हैं।

नड्डा ने कहा कि जैसे बिहार आज गुड गवर्नेंस पर वोट डाल रहा है। डेवलपमेंट पर वोट डाल रहा है। नीतीश बाबू के जमीन पर उतारे गए इंफ्रास्ट्रक्चर पर वोट डाल रहा है। मोदीजी का आशीर्वाद बिहार को मिला है, इस पर वोट डाल रहा है, रेलवेज में डेवलपमेंट हो रही है, हाईवेज बन रहे हैं, ओवर ब्रिज बन रहे हैं। इंस्टिट्यूशंस में इंवेस्टमेंट आ रहा है।

नड्डा ने कहा कि जब हम वेस्ट बंगाल की बात करेंगे तो वहां लोगों ने तय कर लिया है कि ममता बनर्जी की धरती खिसक चुकी है। मिस गवर्नेंस, ममता और तृणमूल ये पर्यायवाची हो गए हैं। पुलिस से विश्वास उठ चुका है। कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।

नड्डा ने कहा कि हमारी पार्टी में हम जीत को भी ऑर्गेनाइज्ड मानते हैं, सब लोगों का सहयोग होता है। अब मोदीजी की अपील पर करोड़ों लोग वोट डाल रहे होते हैं। लेकिन संगठन के लोग भी अच्छा काम कर रहे होते हैं। उनको भी जीत का श्रेय जाता है।

नड्डा ने कहा कि पाकिस्तान को हमेशा कांग्रेस पार्टी लेकर आती है। सबसे पहले पी चिदंबरम ने कहा कि धारा 370 हम हटाएंगे। चुनाव शुरू हुआ नहीं, इन्होंने अपनी ढपली बजाई नहीं। वोट बैंक की राजनीति ये करते हैं और इसमें देश को बांटने की साजिशें भी होती हैं।

नड्डा ने कहा कि ये जो पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने स्टेटमेंट दी, ये निश्चित रूप से चीजों को और हाईलाइट करता है। ये बताता है कि यही राहुल गांधी सवाल कर रहे थे और सबूत मांग रहे थे। तो सबूत भी मिल गया और इनके सवाल का जवाब भी दे दिया तो अब माफी क्यों नहीं मांगते हो?

नड्डा ने कहा कि पिछले कुछ समय में कांग्रेस पार्टी का स्टैंडर्ड बहुत नीचे गिर गया है। ये मोदीजी का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगे हैं। ये मोदीजी का विरोध करते-करते सेना पर सवाल खड़े करने लगे हैं।

नड्डा ने कहा कि मुझे स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि बिहार के लोग स्पष्ट बहुमत के साथ नीतीश कुमारजी के नेतृत्व में राजग सरकार बनाने के लिए आतुर हैं। बिहार में लोगों का बड़ा स्पष्ट समर्थन प्रधानमंत्री मोदी के कामों को लेकर है और उनको जमीन पर नीतीश कुमार ने बखूबी उतारा है।