आत्मनिर्भर भारत के लिए हमें लोकल के लिए वोकल होना है: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मध्य प्रदेश में ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत हो रहे इस अन्न वितरण के लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई। करीब 5 करोड़ लाभार्थियों को मध्य प्रदेश में इस योजना को एक साथ पहुंचाने का बड़ा अभियान चल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुखद है कि मप्र में अनेक जिलों में बारिश और बाढ़ की परिस्थितियां बनी हुई हैं। अनेक साथियों के जीवन और आजीविका दोनों प्रभावित हुई हैं। मुश्किल की इस घड़ी में भारत सरकार और पूरा देश, मध्य प्रदेश के साथ खड़ा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपदा कोई भी हो, उसका असर बहुत व्यापक होता है, दूरगामी होता है। कोरोना के कारण पूरी मानवता पर 100 साल में सबसे बड़ी आपदा आई है। पिछले 100 साल में दुनिया के किसी देश ने ऐसी आपदा नहीं देखी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना से उपजे संकट से निपटने के लिए भारत ने अपनी रणनीति में गरीब को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना हो या फिर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना, पहले दिन से ही गरीबों और श्रमिकों के भोजन और रोजगार की चिंता की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कल ही भारत ने 50 करोड़ वैक्सीन डोज लगाने के बहुत अहम पड़ाव को पार किया है। दुनिया में ऐसे अनेक देश हैं, जिनकी कुल जनसंख्या से भी अधिक टीके भारत एक सप्ताह में लगा रहा है। यह नए भारत का, आत्मनिर्भर होते भारत का नया सामर्थ्य है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना से बने हालात में भारत आज जितने मोर्चों पर एक साथ निपट रहा है, वो हमारे देश के सामर्थ्य को दिखाता है। आज दूसरे राज्यों में काम कर रहे श्रमिकों की सुविधा के लिए वन नेशन-वन राशन कार्ड की सुविधा दी जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजीविका पर दुनियाभर में आए इस संकट काल में यह निरंतर सुनिश्चित किया जा रहा है कि भारत में कम से कम नुकसान हो। इसके लिए बीते साल में अनेक कदम उठाए गए है और निरंतर उठाए जा रहे है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारी व्यवस्था में एक विकृति थी। वो गरीब के बारे में सवाल भी खुद पूछते थे और जवाब भी खुद ही देते थे। जिस तक लाभ पहुंचाना है, उसके बारे में पहले सोचा ही नहीं जाता था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव, गरीब, आदिवासियों को सशक्त करने वाला एक और बड़ा अभियान देश में चलाया गया है। ये अभियान हमारे हस्तशिल्प को, हथकरघे को, कपड़े की हमारी कारीगरी को प्रोत्साहित करने का है। यह अभियान लोकल के प्रति वोकल होने का है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस खादी को कभी भुला दिया गया था, वो आज नया ब्रांड बन चुका है। अब जब हम आजादी के 100 वर्ष की तरफ नए सफर पर निकल रहे हैं, तो आजादी के लिए खादी की उस स्पिरिट को हमें और मजबूत करना है। आत्मनिर्भर भारत के लिए हमें लोकल के लिए वोकल होना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्सवों के उत्साह के बीच हमें कोरोना को नहीं भूलना है। कोरोना की तीसरी लहर को आने से हमें ही रोकना है। मास्क, टीका और दो गज की दूरी, ये बहुत जरूरी है। हमें स्वस्थ भारत का संकल्प लेना है, समृद्ध भारत का संकल्प लेना है।