logo
वह सीट जहां सिर्फ 57 वोटों के अंतर से हार गई तृणमूल कांग्रेस!
 
वह सीट जहां सिर्फ 57 वोटों के अंतर से हार गई तृणमूल कांग्रेस!
फोटो स्रोत: ममता बनर्जी फेसबुक पेज।

कोलकाता/दक्षिण भारत। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद राज्य की​ विभिन्न सीटें अपने वोटों के गणित की वजह से चर्चा में हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चित सीट नंदीग्राम है, जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मैदान में थीं और बहुत कम अंतर से हार गईं।

इसके अलावा एक और सीट है जहां हार-जीत का फैसला सिर्फ ‭57‬ वोट के अंतर से हुआ। यहां तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा और बाजी भाजपा के हाथ लगी। बहुत कड़े मुकाबले के बीच मतगणना के आखिरी लम्हों में दोनों दलों के कार्यकर्ता बेचैनी से नतीजे का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि दोनों में फर्क बहुत कम रह गया था। हर कोई इसी उम्मीद में था कि उसका उम्मीदवार जीतेगा।

​इसके बाद दिनहाटा सीट से भाजपा के निसिथ प्रामाणिक विजयी घोषित किए गए। उन्हें कुल 1,16,035 वोट मिले, जो कुल मतों का 47.6 प्रतिशत थे। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के उदयन गुहा 1,15,978 वोट पा सके, जो कुल मतों का 47.58 प्रतिशत थे। इस प्रकार बहुत मामूली अंतर से यह सीट भाजपा की झोली में चली गई।

दिनहाटा से 6 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। दिलचस्प बात यह है कि यहां नोटा को 1,537 वोट ​मिले, जो हार-जीत के अंतर से बहुत ज्यादा है। अगर तृणमूल कांग्रेस इन वोटों में से कुछ हासिल करने में कामयाब हो जाती तो यहां की तस्वीर बदल जाती।

इस सीट से दो निर्दलीय उम्मीदवार भी खड़े हुए थे। निर्मल चंद्र बर्मन और लेबू मियां क्रमश: 1,370 और 1,387 वोट ही पा सके। फॉर्वर्ड ब्लॉक के अब्दुर रऊफ ने 6,069 वोट पाए। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के प्रदीप रॉय 1,375 वोट हासिल कर पाए, जो कुल मतों का एक प्रतिशत भी नहीं था।