नई दिल्ली/दक्षिण भारत। इस समय जब हमारा देश कोरोना महामारी से बड़े स्तर पर युद्ध कर रहा है, सबको एक शख्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार रहता है। वे हैं लव अग्रवाल जो केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से देश को बताते हैं कि कोरोना को लेकर क्या हालात हैं और सरकार ने कौनसे प्रभावी कदम उठाए हैं।

लव अग्रवाल 1996 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और मंत्रालय में संयुक्त सचिव पद पर सेवारत हैं। देशवासियों को कोविड-19 के बारे में समय-समय पर अपडेट देने वाले लव अग्रवाल के बारे में लोग गूगल पर भी खूब सर्च कर रहे हैं। करीब 48 वर्षीय अग्रवाल बहुत आत्मविश्वास के साथ प्रेस कॉफ्रेंस को संबोधित करते हैं और पत्रकारों को उपयोगी जानकारी उपलब्ध करवाते हैं।

लव अग्रवाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने आईएएस अधिकारी बनने से पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। बाद में उन्होंने 2016 में केंद्र में तैनात होने से पहले अपने कैडर राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में बड़े स्तर पर काम किया, जिसे काफी सराहना मिली।

लव अग्रवाल को करीब से जानने वाले कर्मचारी कहते हैं कि वे लक्ष्य बनाकर उसे हासिल करने के लिए भरपूर मेहनत करते हैं और दृढ़ निश्चयी अधिकारी हैं। एक सूत्र ने बताया कि लव अग्रवाल को मीडिया को संबोधित करने की जिम्मेदारी मिलने की एक वजह यह भी है कि वे किसी विषय को बहुत बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता रखते हैं और प्रश्नों के उत्तर प्रभावी ढंग से देते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी कहते हैं, एक सहकर्मी के रूप में, मैं कहूंगा कि अग्रवाल जिस प्रकार से दायित्वों को संभालते हैं, उनकी क्षमता से प्रभावित हूं। वे जीवन में अनुशासन का सख्ती से पालन करते हैं। वे योग और व्यायाम पसंद करते हैं और इससे उन्हें विषयों पर केंद्रित रहने में मदद मिलती है।

एक अन्य सहयोगी बताया कि आजकल वे रोज लगभग 15-16 घंटे तक काम करते हैं। वे घर सिर्फ इसलिए जाते हैं ताकि नींद ले सकें। वे देर रात तक दफ्तर में रहते हैं। वे उन लोगों में से हैं जो सुबह सबसे पहले दफ्तर आते हैं। वे समस्याओं को हल करने के लिए परंपरागत के साथ ही आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके अपनाते हैं। चूंकि वे नए प्रयोग पसंद करते हैं।

इसी प्रकार, जॉर्ज इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल हैल्थ के शोधकर्ता डॉ. ओमन जॉन भी लव अग्रवाल की तारीफ करते हैं, जो उनके साथ काम कर चुके हैं। वे कहते हैं कि लव अग्रवाल की कार्यशैली कोविड-19 जैसी महामारी की रोकथाम के प्रयासों में कार​गर सिद्ध हुई है। वायरस को फैलने से रोकने के लिए नवीन दृष्टिकोण का भी ध्यान रखा गया है। जैसे, लोगों को जागरूक करने के लिए कॉलर ट्यून का इस्तेमाल किया गया, जिससे हर दिन करोड़ों लोगों तक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित एहतियाती जानकारी पहुंचाई गई।

एक सेवानिवृत्त अधिकारी भी लव अग्रवाल की तारीफ करते हैं। वे कहते हैं, मैंने उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी हैं और मैं कहूंगा कि उन्होंने स्थिति को संभालने में उल्लेखनीय परिपक्वता दिखाई है। मुझे खुशी है कि सरकार ने उज्ज्वल नौकरशाह को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।