प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय माप पद्धति सम्मेलन में वैज्ञानिकों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने वाला है, देश को अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है। नया साल अपने साथ एक नई उपलब्धि लेकर आया है। भारतीय वैज्ञानिकों ने सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो कोविड टीकों का निर्माण किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सीएसआईआर के वैज्ञानिक देश के ज्यादा से ज्यादा छात्रों के साथ संवाद करें, कोरोना काल के अपने अनुभवों को और इस शोध क्षेत्र में किए गए कामों को नई पीढ़ी से साझा करें। इससे आने वाले कल में आपको युवा वैज्ञानिकों की नई पीढ़ी तैयार करने में बड़ी मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में सर्विसेज की क्वालिटी हो, चाहे सरकारी सेक्टर हो में या प्राइवेट। प्रोटक्ट्स की क्वालिटी हो, चाहे सरकारी सेक्टर में हो या प्राइवेट। हमारे क्वालिटी स्टैंडर्ड यह तय करेंगे कि दुनिया में भारत और भारत के प्रोडक्ट्स की ताकत कितनी बढ़े।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 2022 में अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे कर रहा है, 2047 में हमारी आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होंगे। हमें आत्मनिर्भर भारत के नए संकल्पों को ध्यान में रखते हुए, नए मानकों, नए पैमानों, नई स्टैंडर्ड्स और न्यू बेंचमार्क्स को घड़ने की दिशा में आगे बढ़ना ही है।

हम दुनिया को भारतीय उत्पादों से भरना नहीं चाहते हैं, लेकिन हमें दुनिया के हर कोने में भारतीय उत्पादों के हर ग्राहक का दिल जीतना चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि मेड इन इंडिया को वैश्विक मांग के साथ-साथ स्वीकृति की भी आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया के उन देशों में है जिनके पास अपने नेविगेशन सिस्टम है। आज इसी ओर एक और कदम बढ़ा है। आज जिस भारतीय निर्देशक का लोकार्पण किया गया है। ये हमारे उद्योग जगत को क्वालिटी प्रोडक्ट्स बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत पर्यावरण की दिशा में दुनिया का नेतृत्व करने की दिशा में बढ़ा रहा है। लेकिन एयर क्वालिटी और एमिशन मापने की तकनीक से लेकर टूल्स तक हम दूसरों पर निर्भर रहे हैं। आज इसमें भी आत्मनिर्भरता के लिए हमने बड़ा कदम उठाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत ग्लोबल इनोवेशन रैंकिंग में दुनिया के टॉप 50 देशों में पहुंच गया है। देश में आज बेसिक रिसर्च पर भी जोर दिया जा रहा है। आज भारत में इंडस्ट्री और इंस्टिट्यूशन के बीच सहयोग को मजबूत किया जा रहा है। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत में अपने रिसर्च सेंटर और फैसिलिटीज स्थापित कर रही हैं। बीते वर्षों में इन फैसिलिटीज की संख्या भी बढ़ी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें यह याद रखना है कि हमारे जितने पेटेंट्स होंगे, उनकी उपयोगिता हमारे इन पेटेंट्स की होगी। हमारी रिसर्च जितने सेक्टरों में लीड करेगी, उतनी ही आपकी पहचान मजबूत होगी। उतना ही ब्रांड इंडिया मजबूत होगा।