बेंगलूरु। यहां ईटा अपार्टमेंट के उपाश्रय में आचार्यश्री कीर्तिप्रभसूरीश्वरजी की निश्रा में मंगलवार को संगीतमय अठारह अभिषेक का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुनिश्री संयमप्रभविजयजी ने कहा कि अठारह औषधियों द्वारा किया जाने वाला अभिषेक परमात्मा की प्रतिमा को साफ करने के लिए नहीं बल्कि हमारी आत्मा पर लगे कर्ममैल को धोने के लिए किया जाता है। उन्होंने गरु़ड, मुक्ता, पंचपरमेष्ठी मुद्राओं का भी विवरण बतलाया। मुनिश्री ने कहा कि अठारह अभिषेक में अर्घ्य अर्पण करने से हमारी मनोकामना पूर्ण होती है। मुनिश्री तपप्रभविजयजी ने शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी। इस मौके पर चंद्र, सूर्य दर्शन व अर्घ्य अर्पण करने की बोलियां भी लगाई गई। गुरुवार को सुबह सा़़ढे सात बजे गाजे-बाजे के साथ वासुपूज्य स्वामी जिनालय में द्वितीय ध्वजारोहण का कार्यक्रम होगा।