भगवान श्रीकृष्ण
भगवान श्रीकृष्ण

मथुरा/भाषा। ब्रज सहित समूचे देश और विदेश में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 12 अगस्त को मनाया जाएगा, वहीं नंदगांव में एक दिन पूर्व इसका आयोजन किया जाएगा, जहां पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण का बचपन व्यतीत हुआ था।

ब्रज के मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाए जाने के बावजूद कोरोना वायरस संकट के चलते इसे इस बार सार्वजनिक रूप नहीं दिया जाएगा। न ही इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान आदि मंदिरों में भक्तों को विशेष प्रसाद का वितरण किया जाएगा। नंदगांव में सैकड़ों वर्षों से चली आ रही ‘खुशी के लड्डू’ बांटे जाने की परम्परा भी नहीं निभाई जाएगी।’

भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्मोपलक्ष्य में जन्माष्टमी पर्व मनाया जाता है। विद्वानों के अनुसार, वैष्णवों द्वारा परम्परानुसार भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि में सूर्यादय होने के अनुसार ही जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है, लेकिन नंदगांव में इसके उलट श्रावण मास की पूर्णमासी के दिन से आठवें दिन ही जन्माष्टमी मनाने की प्रथा चली आ रही है।

ब्रज के सभी मंदिरों में उत्सव की तैयारी शुरू हो गई है और मंदिरों को सजाया-संवारा जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्माष्टमी 12 अगस्त को मनाई जाएगी। इधर, ठा. द्वारिकाधीश मंदिर, वृंदावन के ठा. बांकेबिहारी मंदिर में भी कृष्ण जन्माष्टमी पर्व 12 अगस्त को ही मनाया जाएगा। ऐसी जानकारी मंदिरों के मीडिया प्रभारी और प्रबंधकों ने दी है।

जनपद मुख्यालय से करीब 55 किमी दूर नंदगांव में छह सौ फुट ऊंची नंदीश्वर पहाड़ी पर स्थित नंदबाबा मंदिर के सेवायत मुकेश गोस्वामी ने बताया, ‘नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व 11 अगस्त को परम्परा अनुरूप मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्णिमा से ही कृष्ण जन्म की बधाइयों का दौर शुरू हो गया है।’

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के नियमानुसार मंदिर में सेवायतों को छोड़कर स्थानीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।