डोनाल्ड ट्रंप एवं जो बाइडेन
डोनाल्ड ट्रंप एवं जो बाइडेन

वॉशिंगटन/दक्षिण भारत। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की गहमागहमी जारी है। एक ओर जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी ‘उपलब्धियां’ बताने से नहीं चूकते, वहीं जो बाइडेन उन्हें घेरने का एक भी मौका हाथ से नहीं जाने देते। इस बीच, राजनीति के विश्लेषकों के साथ ही ज्योतिषी भी अपने तरीके से आकलन कर रहे हैं कि आगामी राष्ट्रपति चुनावों में किसके सिर ताज सजेगा और किसकी शिकस्त होगी।

अमेरिका निवासी एवं माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर काथिर सुबैया ने ग्रहों की चाल के आधार पर विश्लेषण प्रस्तुत किया है जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा है। बता दें कि काथिर सुबैया ने दिसंबर 2015 में भविष्यवाणी की थी कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में विजय प्राप्त करेंगे।

मौजूदा चुनावी हलचल पर वे कहते हैं, यदि हमें राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की सही जन्मतिथि, समय और जन्म स्थान ज्ञात हो तो यह अनुमान लगाना आसान होता है कि किसके सितारे बुलंद हैं। हालांकि, मेरे पास जो बाइडेन का जन्म संबंधी पूर्ण विवरण नहीं है। इसलिए, मैंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए केवल ट्रंप की कुंडली का विश्लेषण किया है।

कैसी है ट्रंप की कुंडली?
वे कहते हैं, राष्ट्रपति ट्रंप की कुंडली काफी शक्तिशाली है। अगर चुनाव के समय में उनका समय अच्छा रहता है, तो वे निश्चित रूप से पुनः निर्वाचित होंगे। ट्रंप की कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार, निर्धारित चुनाव तिथि तीन नवंबर, 2020, मंगलवार ट्रंप के लिए अच्छा संकेत नहीं दे रही है। यदि चुनाव तीन नवंबर को हों और उसी दिन परिणाम आएं, तो ट्रंप चुनाव हार सकते हैं। यदि मतदान या मतदान के परिणामों में चार से आठ सप्ताह की देरी होती है, तो ट्रंप के पुन: निर्वाचित होने के प्रबल योग बनते हैं।

काथिर सुबैया कहते हैं, यह जॉर्ज डब्ल्यू बुश और अल गोर के बीच राष्ट्रपति चुनाव का दोहराव जैसा हो सकता है, जो 7 नवंबर, 2000 को हुआ था। तब चुनाव परिणाम लगभग पांच सप्ताह तक रोक दिए गए थे।

भारतीय मूल के ज्योतिषी काथिर सुबैया
भारतीय मूल के ज्योतिषी काथिर सुबैया

बड़ा दांव चलेंगे ट्रंप?
अन्य परिदृश्य यह है कि अगर ट्रंप किसी तरह 15 नवंबर या तीन नवंबर को चुनाव कराने के लिए तारीख बदलने में सफल होते हैं तो वे राष्ट्रपति चुनाव में अवश्य जीत सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि आठ जुलाई को ‘गोल्डमैन’ ने भी कहा था कि इसी नवंबर में बुश-गोर जैसा परिदृश्य उपस्थित होने से चुनाव परिणाम में देरी हो सकती है। यह ठीक वैसा ही है जैसा 12 मई को काथिर सुबैया ने भविष्यवाणी की थी।

बदलेगा पोल का मिजाज
सीएनबीसी/चेंज रिसर्च पोल के अनुसार, 14 अगस्त तक बाइडेन, ट्रंप पर उतार—चढ़ाव के साथ बढ़त बनाते दिख रहे हैं। हालांकि, काथिर सुबैया का कहना है कि आगामी महीनों में पोल में बदलाव हो सकता है।

बाइडेन के सितारे
बाइडेन के उपलब्ध विवरण के आधार पर, उनका जन्म 10 नवंबर, 1942 को सुबह 8:30 बजे स्क्रैंटन में हुआ। वे वृश्चिक लग्न और चंद्र राशि मेष से ताल्लुक रखते हैं। वे सितंबर 2006 से सितंबर 2022 के बीच अनुकूल बृहस्पति महादशा से गुजर रहे हैं। वे 2009 में बृहस्पति महादशा से उपराष्ट्रपति के तौर पर सत्ता में आए।

भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस
भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस

कमला कर पाएंगी कमाल?
इसी प्रकार, डेमोक्रेटिक पार्टी से उपराष्ट्रपति उम्मीदवार कमला हैरिस का जन्म 20 अक्टूबर, 1964 को रात 9:28 बजे, ओकलैंड में हुआ था। वे मिथुन लग्न और चंद्र राशि मेष से ताल्लुक रखती हैं। दिलचस्प बात यह है कि जो बाइडेन और कमला हैरिस दोनों चंद्र राशि मेष के तहत आ रहे हैं। उनके लिए 20 नवंबर, 2020 तक बृहस्पति अच्छी स्थिति में होगा।

ट्रंप को ग्रहों का लाभ
डोनाल्ड ट्रंप सिंह लग्न और चंद्र राशि वृश्चिक से आते हैं। वे सितंबर 2016 से सितंबर 2032 तक बृहस्पति की महादशा से गुजर रहे हैं। वे बृहस्पति महादशा चलने के बाद सत्ता में भी आए। यह बहुत स्पष्ट है कि दोनों की अनुकूल बृहस्पति महादशा चल रही है।

मंगल नौ सितंबर को वक्री होगा जो ट्रंप के लिए सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देगा लेकिन यह दुनिया के लिए तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है। तीन अक्टूबर तक ट्रंप और बाइडेन दोनों ही पोल में कड़ी टक्कर के साथ बराबर दिखाई देंगे।

किसके लिए कब कठिन दौर?
ट्रंप को चार अक्टूबर से अधिक चुनौतियों से गुजरना होगा, जो 15 दिसंबर तक जारी रहेगा। 15 दिसंबर से बाइडेन के लिए कठिन समय होगा। सितारों की चाल कहती है कि यदि चुनाव तीन नवंबर को तय कार्यक्रम के अनुसार होते हैं और उसी दिन परिणाम आते हैं तो इससे बाइडेन ताकतवर बनकर उभरेंगे और उनके लिए राष्ट्रपति बनने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

लेकिन अगर चुनाव स्थगित होते हैं या कम से कम परिणाम आने में लगभग छह से आठ सप्ताह की देरी होती है, तो ट्रंप अगले कार्यकाल के लिए फिर से चुने जा सकते हैं।

कैसे बदल सकते हैं समीकरण
काथिर सुबैया कहते हैं कि ज्योतिष गणना के आधार पर, रिपब्लिकन जीत के लिए निर्धारित चुनाव तिथि में देरी या कम से कम चुनाव परिणामों के लिए उक्त संभावित विकल्प की तलाश कर सकते हैं। तो डेमोक्रेट्स को क्या करना चाहिए? जो बाइडेन और कमला हैरिस के लिए अब तक सबकुछ ठीक है। बस वे यह सुनिश्चित करें कि चुनाव तीन नवंबर को निर्धारित तिथि के अनुसार हों और उसी दिन परिणाम सामने आएं। यूएसपीएस मेल के माध्यम से आने वाले वोटों से किस्मत बदल सकती है। मेरा आशय यह है ​कि ऐसे कुछ सौ वोट यह तय कर सकते हैं कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन बनेगा।

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