चेन्नई। राज्य में खाद्य आपूर्ति निगम की दुकानों को पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री आर कामराज ने विधानसभा में, इस दिशा में उठाए गए एक प्रश्न के जवाब में कहा कि सरकार की ओर से सब्सिडी युक्त सामग्री को लोगों तक सही ढंग से पहुंचाने की दिशा में कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि नागरिक आपूर्ति विभाग की जिन दुकानों द्वारा अनियमितता करने की शिकायत प्राप्त हुई थी उन दुकानों के खिलाफ कार्रवाई शुरु की गई है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट राशन कार्ड वितरण का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है और अगले महीने के अंत तक राज्य के सभी लोगों के बीच स्मार्ट राशन कार्ड का वितरण कर दिया जाएगा।राज्य सरकार ने एक बार फिर से यह स्पष्ट किया है कि राज्य में प्लास्टिक से निर्मित चावल की बिक्री नहीं हो रही है। उन्होंने विधानसभा में इस संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। कामराज ने कहा कि न सिर्फ राज्य में बल्कि देश के किसी भी राज्य में प्लास्टिक से निर्मित चावल जब्त नहीं किए गए हैं। विधानसभा में एक बहस के दौरान हस्तक्षेप करते हुए, उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाहें फैलाने वाले लोगों के खिलाफ क़डी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में चावल का पर्याप्त स्टॉक है। इसके साथ ही राज्य में मुफ्त चावल देने की योजना भी चलाई जा रही है और इसकी कीमत भी नियंत्रित है। ऐसे में प्लास्टिक का चावल बेचे जाने का सवाल ही नहीं उठता। प्लास्टिक के चावल की बात गलत है क्योंकि जब इसे पकाया जाएगा तो इसके गलने की भी संभावना होगी। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यशैली में सुधार हुआ है क्योंकि पारदर्शिता लाने के लिए कंप्यूटरीकरण करने की दिशा में कदम उठाने के साथ ही काफी संख्या में खाद्य सुरक्षा निरीक्षकों की नियुक्ति की गई है। मंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा छोटे होटलों और खाने पीने की वस्तु बेचने वाले दुकानदारों को भी स्वच्छता के लिए जागरुक किया जा रहा है। इन लोगों के लिए विशेष जागरुकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।