चेन्नई। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का दायरा बढता ही जा रहा है। बिहार में नीतीश कुमार के लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के शामिल होने के बाद मीडिया के एक वर्ग में इस प्रकार की खबर आ रही है कि राज्य की सत्तारुढ अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) भी एनडीए की छांव में जा सकती है। सूत्रों के हवाले से कुछ मीडिया चैनलों द्वारा यह कहा जा रहा है कि राज्य की सत्तारुढ पार्टी इसी सप्ताह भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राजग गठबंधन में शामिल हो सकती है। हालांकि इस संबंध में राज्य के अन्नाद्रमुक नेताओं द्वारा किसी प्रकार की पुष्टि नहीं की गई है। हाल ही में अन्नाद्रमुक के दोनों ध़डों पन्नीरसेल्वम और पलानीसामी ने अपने समर्थकों के साथ बैठक भी बुलाई थी और ऐसा कहा जा रहा है कि यह बैठक राजग के गठबंधन पर चर्चा करने के लिए ही बुलाई गई थी।ध्ह्·र्ैंफ्द्नय् द्बष्ठ्र ॅद्मठ्ठर्‍ॅ ·र्ष्ठैं झ्य्फ् द्मब्र्‍्र ब्स्र झ्द्भय्श्चञ्च् फ्र्‍ट्टष्ठ्रअगर अन्नाद्रमुक एनडीए में शामिल हो जाती है लोकसभा में भी एनडीए के सदस्यों की संख्या बढ जाएगी। मौजूदा समय में लोकसभा मेंं तो एनडीए के सदस्यों की संख्या पर्याप्त है लेकिन राज्यसभा में अभी भी इसके सदस्यों की संख्या पर्याप्त नहीं है और यही कारण है कि इसे कई विधेयकों को पारित करवाने में काफी मुश्किलों का सामना भी करना प़ड रहा है। ज्ञातव्य है कि देश की लोकसभा में सासंदों के लिहाज से भाजपा और कांग्रेस के बाद ­अन्नाद्रमुक सबसे ब़डी पार्टी है। भाजपा पर समय-समय पर इस बात के आरोप भी लगते रहें हैं कि यह अन्नाद्रमुक को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है।्यख्रद्मय्·र्ैंद्यह्लय् फ्ष्ठ च्रूणट्टष्ठख्य् ृस्त्रय्य्त्त्श्नद्बरु·र्ैं ·र्ष्ठैं ख्रह्द्मह्र थ्ठ्ठणक्कह्र ·र्ैंय् झ्र्‍च्णय् गौरतलब है कि अन्नाद्रमुक के उप महासचिव टीटीवी दिनाकरण ने मंगलवार को इस बात के संकेत दिए हैं कि वह पार्टी संबंधी अपनी गतिविधियों को तेज करने वाले हैं। इसके बाद से ही अन्नाद्रमुक के दोनों खेमों में हलचल नजर आ रही है। दिनाकरण को पार्टी मामलों से दरकिनार करने की घोषणा करने वाले राज्य के मुख्यमंत्री पलानीसामी के लिए यह एक सीधी चुनौती मानी जा रही है और वह पार्टी में दिनाकरण के प्रभाव को बढने नहीं देना चाहते। इसके साथ ही शशिकला परिवार के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंकने वाले पूर्व मुख्यमंत्री को भी यह गवारा नहीं है कि अन्नाद्रमुक में शशिकला के परिवार के किसी सदस्य की दखलअंदाजी हो और ऐसे में दोनों नेता अपने पक्षों का विलय कर सकते हैं। अगर एनडीए के साथ अन्नाद्रमुक के दोनों पक्षों का गठबंधन हो जाता है तो इनका पीछा दिनाकरण से छूट जाएगा।ृय्स्द्य ःद्भय्ख्रय् फ्प्रर्य्टैं ब्ह्ख्य् ॅद्मठ्ठर्‍ॅ ख्ट्ठद्धैंथ्द्मगौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनावों में अन्नाद्रमुक ने एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को अपना समर्थन दिया था और उसी समय से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि ­अन्नाद्रमुक जल्द ही एनडीए में शामिल हो सकती है। मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, झारखंड, असम, छत्तीसग़ढ, हरियाणा, उत्तराखंड, और गोवा में भाजपा की सरकार है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, जम्मू कश्मीर, अरुणाचल और अब बिहार में भी भाजपा गठबंधन की सरकार है। अगर अन्नाद्रमुक का एनडीए से साथ जु़डता है तो तमिलनाडु इस क़डी में नया नाम होगा।ृस्त्रय्य्त्त्श्नद्बरु·र्ैं ·र्ष्ठैं द्मष्ठत्रय्ृह्र ·र्ैंह् ्यद्बध् फ्·र्ैंत्रय् ब्स् ·र्ष्ठैं़त्त्श्नर्‍द्भ द्बैं्यख़य्द्बैंठ्ठध् द्बष्ठैं डत्र्य्द्मसूत्रों के हवाले से दी जा रही जानकारी के अनुसार अन्नाद्रमुक के दोनों पक्ष पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी एनडीए में शामिल हो सकते हैं। एनडीए में शामिल होने के बाद अन्नाद्रमुक से तीन नेताओं को केन्द्रीय मंत्रिमंडल में स्थान दिया जा सकता है। थंबीदुरै को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। मैत्रीयन और डॉक्टर वेणुगोपाल को राज्य मंत्री बनाया जा सकता है। इसके साथ तेलुगू देशम पार्टी से वाइएस चौधरी को पदोन्नति के साथ राज्यमंत्री का स्वतंत्र प्रभाव मिल सकता है। इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होेने के बाद कुछ अन्य अन्नाद्रमुक सांसदों को भी नई भूमिका देने को लेकर कयासबाजियों का दौरा शुरु हो गया है।ध्ह्·र्ैंफ्द्नय् द्बष्ठ्र ·र्रुैंच्ण ॅष्ठफ्र्‍ ्यडत्र्यत्र द्बष्ठ्र ब्ह्ख्र्‍ ॅद्मठ्ठर्‍ॅउल्लेखनीय है कि लोकसभा में फिलहाल भाजपा की २८२ सीटें हैं और एनडीए की कुल ३३६ सीटें हैं। राज्य की सत्तारुढ अन्नाद्रमुक पार्टी के पास लोकसभा में ३७ सीटें हैं। एनडीए में ­अन्नाद्रमुक के शामिल होने के बाद अब एनडीए की लोकसभा में सीटें कुल ३७३ सीटंें हो जाएंगी। इसके साथ ही मौजूदा समय में राज्यसभा में एनडीए की कुल सीटें ८८ सीटें हैं, जिसमें ५८ सीटें भाजपा के पास हैं। अन्नाद्रमुक के पास राज्यसभा में १३ सीटें हैं। अन्नाद्रमुक के एनडीए में शामिल होने के बाद राज्यसभा में एनडीए की सीटों की संख्या १०१ हो जाएगी।