बेंगलूरू। प्रदेश के लिए अलग ध्वज तैयार करने की योजना बना रही कर्नाटक सरकार आलोचना का सामना कर रही है जबकि कांग्रेस सरकार अपने इस कदम के साथ आगे ब़ढ रही है। विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने राज्य के लिए अलग ध्वज रखने के प्रस्ताव का अध्ययन करने के लिए कोर कमेटी का गठन किया है।हालांकि, लोकसभा सदस्य और राज्य भाजपा अध्यक्ष बीएस येड्डीयुरप्पा के नेतृत्व में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया तथा कहा कि इसको संविधान के तहत अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने राज्य में सूखे और अन्य ज्वलंत समस्याओं में अपनी नाकामी को छिपाने के इस मुद्दे को उठाया है। इस बीच, कन्ऩड रक्षणा वेदिक के कार्यकर्ताओं ने यहां से करीब ४० किलोमीटर दूर रामनगरम में भाजपा द्वारा अलग ध्वज के प्रस्ताव के विरोध का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया तथा लोकसभा सदस्य और राज्य भाजपा अध्यक्ष बीएस येड्डीयुरप्पा का पुतला जलाया। उधर, मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने इस प्रस्ताव का बचाव करते हुए कहा कि उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार प्रस्ताव में कुछ भी गलत नहीं है और यह संविधान के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा और जनता दल (एस) सहित विपक्षी दल राजनीतिक लाभ लेने के लिए इसका विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोर कमेटी का गठन किया गया है और अंतिम निर्णय केवल रिपोर्ट मिलने के बाद ही लिया जाएगा। हालांकि, राज्य का ध्वज केवल राष्ट्रीय ध्वज के नीचे फहराया जायेगा और कभी ऊपर नहीं होगा। हमारे पास राज्य गान और राष्ट्रगान है और हमेशा राष्ट्रगान के बाद केवल नाड गीते (राज्य गान) गाया जाता है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि येड्डीयुरप्पा इस प्रस्ताव का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह अपने कार्यकाल के दौरान ऐसा नहीं कर सके बुधवार को कन्ऩड संगठनों ने वाटाल नागराज के नेतृत्व में बेंगलूरु के स्टेट बैंक ऑफ मैसूरु सर्कल पर प्रदर्शन किया।